UN में भारत की बड़ी उपलब्धि, सलाहकार समिति में चुनी गईं भारतीय राजनयिक

संयुक्त राष्ट्र – भारत के लिए आज शानदार उपलब्धि का दिन है।  भारतीय राजनयिक विदिशा मैत्रा को प्रशासनिक एवं बजट संबंधी प्रश्न (एसीएबीक्यू) पर संयुक्त राष्ट्र की सलाहकार समिति में सदस्य चुना गया है। यह समिति महासभा का एक आनुषंगिक अंग है। संयुक्त  राष्ट्र (UN) में एशिया प्रशांत राष्ट्र समूह में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव मैत्रा को समर्थन में 126 वोट (Vote) मिले। यूएन सलाहकार समिति में सदस्यों को नियुक्त  करता है। सदस्यों का चयन व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्व, निजी योग्यता और अनुभव के आधार पर किया जाता है।

भारतीय राजनयिक विदिशा मैत्रा संयुक्त राष्ट्र समिति में चुनी गईं 

विदिशा मैत्रा एशिया-प्रशांत राष्ट्रों के समूह से नामित हुए दो उम्मीदवारों में से एक हैं। इस समूह में इराक के अली मोहम्मद फइक अल-दबग को 64 वोट मिले, उनका कार्यकाल तीन साल का होगा जो एक जनवरी 2021 से शुरू होगा. विदिशा मैत्रा की जीत ऐसे वक्त में हुई है, जब भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो साल के लिए अस्थायी सदस्य के तौर पर जनवरी 2021 से कार्यभार संभालने की तैयारी कर रहा है।

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एशिया प्रशांत राष्ट्र समूह में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव मैत्रा ने 126 वोट हासिल किए। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरूमूर्ति ने एक वीडियो संदेश में कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राष्ट्रों के भारी समर्थन से मैत्रा को संयुक्त राष्ट्र एसीएबीक्यू में चुना गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि मैत्रा “एसीएबीक्यू के कामकाज में एक स्वतंत्र, उद्देश्यपूर्ण और बहुत आवश्यक लैंगिक संतुलित परिप्रेक्ष्य लाएंगी।”

एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अब तक के नतीजों में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की हार की कगार पर खड़े दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके चीफ ऑफ स्टाफ को कोरोना हो गया है। जो बाइडेन से जीत की रेस में पीछे चल रहे डोनाल्ड ट्रंप के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। यह जानकारी अमेरिकी मीडिया के हवाले से आई है।  

सीएनएन के मुताबिक, 61 वर्षीय मीडोज ने लोगों से कहा कि चुनाव के बाद वह कोरोना वायरस से ग्रसित हो गए हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, वह बुधवार को यानी वोटिंग से एक दिन बाद पहली बार कोविड-19 संक्रमित पाए गए थे। वॉशिंगटन पोस्ट की मानें तो जब डोनाल्ड ट्रंप बुधवार की सुबह व्हाइट हाउस के एक कमरे में अपने करीब 150 शीर्ष सहयोगियों और समर्थकों के साथ बातचीत कर रहे थे, उस दौरान उस मीडोज भी उस भीड़ का हिस्सा थे। अब डर इस बात की है कि मीडोज से कई लोगों को कहीं कोरोना ने फैल जाए।

बता दें कि हाल के दिन में ट्रंप प्रशासन के कई लोगों को कोरोना हो चुका है। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी कोरोना वायरस की चपेट में आए थे। इनके अलावा, प्रेस सचिव काइली मेनने और नीति सलाहकार स्टीफन मिलर और होप हिक्स ऑक्टोब भी उन लोगों में शामिल हैं, जो शुरू में ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। 

बता दें कि कोरोना वायरस ने दुनियाभर में सबसे अधिक तबाही अमेरिका में ही मचाई है। अमेरिका में कोविड -19 महामारी से सबसे अधिक लोग मरे हैं। अब तक इस कोरोना वायरस से अमेरिका में 236,000 लोगों की मौत हो चुकी है और 9.7 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।