RRB NTPC Exam 2020 : सबसे पहले होगा रेलवे एनटीपीसी सीबीटी, जानें एग्जाम पैटर्न, सेलेक्शन समेत 5 खास बातें

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RRB NTPC Exam 2020 : आरआरबी एनटीपीसी भर्ती परीक्षा 15 दिसंबर से शुरू होगी। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) लेवल-1 (ग्रुप डी) और आइसोलेटेड एंड मिनिस्ट्रियल पदों की परीक्षा से पहले एनटीपीसी की परीक्षा होगी। फरवरी 2019 में रेलवे ने नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) में ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट पदों पर 35,277 वैकेंसी निकाली थी। इसमें जूनियर क्लर्क, अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट, जूनियर टाइम कीपर, ट्रेनी क्लर्क, टिकट क्लर्क, ट्रैफिक असिस्टेंट और गुड्स गार्ड्स जैसे कई पद शामिल हैं। अब आरआरबी एनटीपीसी भर्ती परीक्षा में करीब तीन माह बाकी रह गए हैं। ऐसे में इससे जुड़ी खास बातें जान लें – 

1. आरआरबी एनटीपीसी में दो तरह की वैकेंसी है – 
12वीं पास के लिए (अंडर-ग्रेजुएट) पदों का विवरण इस प्रकार है: 
कुल पद : 10628 (पदों के अनुसार रिक्तियों का वर्गीकरण)
जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, पद : 4,319
अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट, पद : 760
जूनियर टाइम कीपर, पद : 17
ट्रैंस क्लर्क, पद : 592
कॉमर्शियल कम टिकट क्लर्क, पद : 4,940

RRB NTPC Graduates Posts का विवरण इस प्रकार है- 
ग्रेजुएट पदों का विवरण : 
कुल पद : 24,649 (पदों के अनुसार रिक्तियों का वर्गीकरण)
ट्रैफिक असिस्टेंट, पद : 88
गुड्स गार्ड्स, पद : 5,748
सीनियर कॉमर्शियल कम टिकट क्लर्क, पद : 5,638
जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट, पद : 3,164
सीनियर टाइम कीपर, पद : 14
कॉमर्शियल अप्रेंटिस, पद : 259
स्टेशन मास्टर, पद : 6,865

2. चयन प्रक्रिया: 
– सभी पदों के लिए 2 चरणों में सीबीटी (सीबीटी 1 और सीबीटी 2) होंगे और उसके बाद स्किल टेस्ट होगा।  
– स्टेशन मास्टर, ट्राफिक असिस्टेंट पदों के लिए स्किल टेस्ट में कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट होगा। 
– वहीं जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, जूनियर टाइम कीपर, अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट, सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, जूनियर अकाउंट्स कम टाइपिस्ट, सीनियर टाइप कीपर के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट होगा। 

– सीबीटी 2 में वहीं प्रवेश कर पाएगा जो सीबीटी 1 में पास होगा। कुल वैकेंसी के 20 गुना उम्मीदवारों को सीबीटी 2 में प्रवेश दिया जाएगा। स्किल टेस्ट उसी उम्मीदवार का होगा जो सीबीटी 2 में पास होगा। स्किल टेस्ट के लिए कुल वैकेंसी के 8 गुना उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा। 

– इन सबके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (डीवी) व मेडिकल टेस्ट होगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (डीवी) व मेडिकल टेस्ट सेलेक्शन प्रक्रिया के सबसे अंतिम चरण होंगे।

फाइनल सेलेक्शन- ऊपर दिए गए चरणों के आधार पर बनाई गई मेरिट के आधार पर होगा।

3. एग्जाम पैटर्न
– पहले चरण का सीबीटी 90 मिनट का होगा। 100 प्रश्न होंगे। जनरल अवेयरनेस से 40, मैथ्स व रीजनिंग से 30-30 प्रश्न होंगे। 

– दूसरे चरण की सीबीटी परीक्षा कुल 120 अंकों की होगी। इसमें  जनरल अवेयरनेस के लिए 50, मैथमेटिक्स के लिए 35 और जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग के लिए 35 अंक निर्धारित किए गए हैं। 

– दोनों चरणों की परीक्षा के लिए कुल 90-90 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सयम सीमा 120 मिनट होगी।

– परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और इस दौरान निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था लागू की जाएगी।  

– क्लर्क, अकाउंट असिस्टेंट, टाइपिस्ट के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का टाइपिंग स्किल टेस्ट होगा। 
– कम्प्यूटर बेस्ट परीक्षा में पास शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। 
 – उम्मीदवारों को पदों के अनुसार निर्धारित मेडिकल स्टैंडर्ड पूरा करना होगा। 
  
4. दोनों सीबीटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होगी। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई अंक काटा जाएगा। 

5. अच्छे अंक लाने वाले इन परीक्षार्थियों को हो सकती है दिक्कत
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नोटिस के अनुसार आरक्षित वर्ग के छात्रों का रिजल्ट उन्हीं के कोटे में निकाला जाएगा। नए आदेश के अनुसार अब रेलवे की परीक्षा में ओबीसी, एसएसी, एसटी और फिजिकल हैंडिकैप के वैसे परीक्षार्थी जो प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में अगर अधिक अंक लाते हैं और दूसरे स्टेज की परीक्षा के लिए चयनित होते हैं, इनका रिजल्ट उसी कैटेगरी में होगा। परीक्षार्थी अधिक अंक लाने के बावजूद अनारक्षित श्रेणी (यूआर) में चयनित नहीं किये जाएंगे। 

मेधावी छात्रों (मेरिट में ऊपर आने वाले) को होगी काफी परेशानी 
इन अभ्यर्थियों का कहना है कि निकाली गई वैकेंसी के अनुसार सबसे अधिक पदों की संख्या अनारक्षित श्रेणी (यूआर) में होती है। अन्य श्रेणियों में पदों की संख्या कम है। इसका खमियाजा हर ग्रुप के छात्रों को उठाना पड़ेगा। इधर, रेलवे प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले नवीन कुमार व डा. एम रहमान ने बताया कि नए नियम से परीक्षार्थियों में कई तरह का कन्फ्यूजन हो गया है। इस नियम से खासकर मेधावी छात्रों को काफी दिक्कतें होंगी।