BJP सांसद पर 2016 में लगा था रिटायर्ड आर्मी जवान के साथ मारपीट का आरोप, अब जांच करवाएगी उद्धव सरकार

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर एक कार्टून शेयर करने के बाद नेवी के रिटायर्ड ऑफिसर मदन शर्मा की शिवसैनिकों द्वारा पिटाई किए जाने से घिरी महाराष्ट्र सरकार ने इसी तरह के चार साल पुराने मामले में बीजेपी सांसद उन्मेश पाटिल के खिलाफ पुलिस जांच का आदेश दिया है। उस समय विधायक रहे उन्मेश पाटिल और उनके समर्थकों पर पूर्व सैन्यकर्मी सोनू महाजन के साथ वर्ष 2016 में मारपीट करने का आरोप लगा था।

मंगलवार को महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 2016 में मारपीट के एक मामले में जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें 2016 में भारतीय जनता पार्टी के विधायक उन्मेश पाटिल पर रिटायर्ड सैन्यकर्मी सोनू महाजन के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था, जिसकी अब जांच की जाएगी। 

राज्य के गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अनिल देशमुख ने ट्वीट किया, ‘2016 में तत्कालीन भाजपा विधायक और अभी के सांसद उन्मेश पाटिल और उनके लोगों ने पूर्व सैनिक सोनू महाजन पर हमला किया था। तत्कालीन भाजपा सरकार ने महाजन को न्याय नहीं दिया। इस संबंध में मुझे मिले कई आवदन मिले हैं और पुलिस को इस संबंध में जांच करने का आदेश दिया गया है।’

उन्होंने एक और ट्वीट में कहा, ‘यह अपराध 2016 में हुआ था।  लेकिन तब भाजपा की सरकार थी, इसलिए उन्मेश पाटिल के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 2019 में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। लेकिन आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।’

महाराष्ट्र सरकार की इस कार्रवाई को बीजेपी ने बदले की कार्रवाई बताया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, ‘वे किसी भी मामले को खोल सकते हैं और इसकी जांच करवा सकते हैं क्योंकि यह उनका अधिकार है। मगर 2016 की घटना के बाद ये लोग चुप क्यों थे? भंडारी ने आरोप लगाया कि समस्या यह है कि राज्य सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है और इसलिए अब प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त हो गई है।

गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को शिवसेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने नौसेना के पूर्व अधिकारी मदन शर्मा के साथ मारपीट की थी। उनपर उद्धव ठाकरे की निंदा करने वाले एक कार्टून को फॉरवर्ड करने का आरोप था। इस घटना के बाद शिवसेना की आलोचना हुई थी और इस पर राजनाथ सिंह को भी बयान देना पड़ा था। 

हालांकि, शिवसेना ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि इस मुद्दे में पार्टी को घसीटना सही नहीं है। संजय राउत ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने इसके लिए हमसे अनुमति नहीं ली। हालांकि, हमारे कार्यकर्ताओं के मन में अपने नेताओं के लिए बहुत सम्मान है, इसलिए उन्हें भड़काना गलत है।