पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ी बिक्री

नयी दिल्ली: सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन मिलने, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और नए मॉडल के वाहनों की लॉन्चिंग से देश में वित्त वर्ष 2021-22 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बिक्री बढ़ी है।

यह बात काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर-सेंटर फॉर एनर्जी फाइनेंस-सीईईडब्ल्यू-सीईएफ की गुरुवार को यहां जारी मार्केट हैंडबुक के नए संस्करण में सामने आई है। इसमें कहा गया है कि पेट्रोल-डीजल की बढोतरी तथा बेहतर नये मॉडलों के सामने आने के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहनों की बिक्री में उछाल आया है।

हैंडबुक के अनुसार आलोच्य वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 230 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी के साथ 4.2 लाख यूनिट रही जो पिछले वित्त वर्ष में 1.2 लाख यूनिट थी। गत वित्त वर्ष में बिके कुल वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2.6 प्रतिशत से ज्यादा रही जो पहले साल से एक प्रतिशत से भी कम थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बढोतरी की वजह ई-वाहनों के विनिर्माण और चलन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजना- फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइब्रिड व्हीकल की दूसरी योजना के तहत सरकारी प्रोत्साहन के साथ-साथ पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी और नए मॉडल्स की पेशकश ने शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों और विशेष रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बिक्री बढी है। केंद्रीय बजट 2022-23 में फेम-दूसरी योजना के लिए आवंटित धनराशि बढ़कर 2,908 करोड़ रुपये की गई जो वित्त वर्ष 2021-22 में 800 करोड़ रुपये थी

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You may have missed