आफत बनकर बरसे ओले: हिमाचल में करोड़ों की फसलें तबाह, सरकार ने मांगी नुकसान की रिपोर्ट

सलाधार बारिश और ओलावृष्टि से सेब, गेहूं और मटर की फसल को नुकसान हुआ है। जिला कांगड़ा के इंदौरा में सैकड़ों क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया जबकि जिला मंडी के करसोग, सुंदरनगर में मटर की फसल को नुकसान हुआ है। ऊपरी शिमला के 5500 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान हुआ है। इसमें ठियोग, चौपाल, रामपुर, रोहड़ू और कोटखाई क्षेत्र शामिल हैं जबकि इससे निचले क्षेत्रों में बारिश होने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश से सेब का आकार बढ़ेगा। वहीं, प्रदेश सरकार ने बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर कहा है कि कुछ स्थानों पर फसलों को नुकसान हुआ है।

हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब का आकार अखरोट के बराबर हो गया है। ओलावृष्टि से इनमें दाग पड़ गए हैं।  शिमला शहर से सटे शोघी, संकटमोचन, तारादेवी, ढांडा के निचले इलाकों, जुन्गा, मैहली आदि के ग्रामीण इलाकों में सब्जियों की फसलों को नुकसान हुआ है। इन क्षेत्रों में शिमला मिर्च, टमाटर और बीन की फसल में इन दिनों फ्लावरिंग चल रही है। ओलों के चलते कई जगह फसलों के पत्ते तक झड़ गए हैं। एक घंटे तक चली ओलावृष्टि के चलते जिले में करोड़ों रुपये की फसलें तबाह हो गई हैं। पिछले दो महीने से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों के लिए रविवार दोपहर बाद बारिश तो शुरू हुई लेकिन अचानक ओलों ने चंद मिनट में ही सालभर की कमाई खत्म कर दी।

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