हिमाचल में अप्रैल में 89 फीसदी से कम वर्षा,सूखे के हालात

हिमाचल प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। एक और जहां ऊना में इस सीजन का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री पहुंच गया, तो वहीं, राजधानी शिमला में आज 27.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस साल की सबसे गर्म दिन रहा। आज चित्रारी और भूंतर में तीन मिलीमीटर जबकि चंबा में एक मिलीमीटर वर्षा हुई है।

प्रदेश में लंबे समय से बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में राज्य के भीतर 18 वर्षों में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में एक से 30 अप्रैल तक बारिश में सामान्य से 89 फीसदी की भारी कमी दर्ज की गई। अप्रैल में सिर्फ 7.3 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। यह वर्ष 2004 के बाद से सबसे कम है।

इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की भारी कमी रही। प्रदेश में अप्रैल के दौरान धर्मशाला और सोलन में 12 साल बाद अधिक गर्मी पड़ी। इस वर्ष धर्मशाला में 28 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36 डिग्री दर्ज हुआ। इससे पूर्व 2010 में यहां अप्रैल के दौरान अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस था। सोलन में 29 अप्रैल को अधिकतम पारा 36 डिग्री रहा। वर्ष 2010 में यहां अधिकतम पारा 35.5 डिग्री दर्ज हुआ था।

मौसम विभाग ने प्रदेशवासियों को इस तपती गर्मी से निजात मिलने की उम्मीद जताई है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से तीन मई तक प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों में बारिश होने की आशंका है। प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में दो मई तक मौसम साफ रहेगा। तीन मई को इन जिलों में बारिश की आशंका बन रही है।

शनिवार को डलहौजी में 36.2, चंबा 25.6, कांगडा 39.0, केलांग 18.7, धर्मशाला 36.2, पालमपुर 31.6, भुंतर 35.2, सुंदरनगर 37.9, किन्नौर के कल्पा में 23.5 और सोलन में 35.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

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