पूर्वी चंपारण जिले में मलेरिया उन्मूलन के लिए आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शुरू

  • आरसीटी, सदर अस्पताल मोतिहारी में 50 चयनित आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण
    क्राइम फ्लैश न्यूज

डी एन कुशवाहा

मोतिहारी पूर्वी चंपारण- आरसीटी कार्यालय सदर अस्पताल में गुरुवार को जिले के 50 चयनित आशा कार्यकर्ताओं का मलेरिया उन्मूलन के लिए प्रशिक्षण शुरू हुआ । मलेरिया उन्मूलन के लिए प्रशिक्षण 2 दिनों तक चलेगा। जिसमें जिले के कई प्रखंडों की आशा कार्यकर्ता शामिल होंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मौके पर सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने कहा कि मलेरिया बुखार मच्छरों से होने वाला एक संक्रामक रोग है। जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। इस मादा मच्छर में एक खास प्रकार का परजीवी पाया जाता है जिसे प्लाज्मोडियम नाम से जाना जाता है। मलेरिया फैलाने वाली इस मादा मच्छर में परजीवी की 5 जातियां होती हैं। इस मच्छर के काटते ही व्यक्ति के शरीर में प्लाज्मोडियम नामक जीवाणु प्रवेश कर जाता है। जिसके बाद वह रोगी के शरीर में पहुंचकर उसमें कई गुना वृद्धि कर देता है । यह जीवाणु लिवर और रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करके व्यक्ति को बीमार बना देती है। वहीँ इसका समय पर इलाज न मिलने पर यह रोग जानलेवा भी हो सकता है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में जिले में मलेरिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या रहा है परन्तु आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के कारण अब यह उन्मूलन की ओर है। जिसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को सरकार के द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

वहीं डीवीडीसीओ डॉ शरद चंद्र शर्मा ने कहा कि जिले में मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। इसके उन्मूलन को लेकर जिले के मलेरिया प्रभावित चिह्नित गांवों की आशा कार्यकर्ता को जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के लिये जिले के अरेराज, मोतिहारी, समेत कई प्रखंडों के कुल 100 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है। जिसमें आज 50 आशा को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।

  • मच्छरों के काटने से होता है मलेरिया :
    मलेरिया से संबंधित जानकारी देते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरद चंद्र शर्मा ने बताया कि मलेरिया एक मच्छर जनित रोग है। संक्रमित मच्छर के मौजूद परजीवी की वजह से यह बीमारी होती है।
  • मलेरिया रोग की पहचान :
    जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया मलेरिया के कई लक्षण हैं। लेकिन एक ही मरीज में सभी लक्षण दिखे यह जरूरी नहीं है। अमूमन बुखार आना, सिरदर्द, उल्टी होना, ठंड लगना, चक्कर आना सहित अन्य अन्य रोग के प्रमुख लक्षण हैं। कोई भी साधारण बुखार मलेरिया हो सकता है। रोगी के ब्लड सैंपल की जांच से रोग का पता आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रोग से बचाव के कई आसान उपाय हमारे पास उपलब्ध हैं। इसमें मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। आस-पास के माहौल की स्वच्छता का ध्यान रखना, जलजमाव की स्थिति पैदा न होने देना, घर के अंदर मच्छर मारने वाली दवा का प्रयोग, मच्छर के घर में प्रवेश को रोकने के लिये खिड़कियों पर जाली का प्रयोग सहित अन्य उपाय किये जा सकते हैं।

मौके पर, सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ,जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरद चंद्र शर्मा,धर्मेंद्र कुमार, सत्यनारायण उराव, रविंद्र कुमार ,वेक्टर जनित रोग सलाहकार अभिषेक कुमार सहित कई आशा कार्यकर्ता उपस्थित थी।

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