जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार द्वारा आज जिला पंचायती राज प्रशाखा का निरीक्षण किया गया।

राजीव रंजन की रिपोर्ट

निरीक्षण के क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में 96 के विरुद्ध 63 तकनीकी सहायक नियुक्त हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेष पदों पर नियुक्ति हेतु जिला के जिलाधिकारी के स्तर से विभाग को पत्र भेजा जाए। साथ ही जिला पंचायत राज पदाधिकारी अपने स्तर से विभाग से समन्वय स्थापित कर उक्त दिशा में कार्य करना सुनिश्चित करें।

प्राप्ति पंजी के निरीक्षण के क्रम में निर्देशित किया गया कि पंजी को अद्धतन करना सुनिश्चित करें। निर्देशित किया गया कि प्रत्येक प्राप्त पत्र नियमानुसार 3 दिन के अंदर प्रभारी पदाधिकारी को उपस्थापित करना सुनिश्चित किया जाएगा।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि कुल 113 पंचायत सचिव कार्यरत हैं जिसमें 10 अनुबंध पर नियुक्त हैं।

निरक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि विभाग में प्राप्त विभिन्न परिवादों का ससमय निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाएगा। इसे पूरी गंभीरता से लें।

सूचना के अधिकार से संबंधित संचिका का संधारण नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई एवं निर्देश दिया कि सूचना के अधिकार अधिनियम से संबंधित संचिका का संधारण शीघ्र करना सुनिश्चित किया जाए।

वही सी सी डब्ल्यू जे सी के 10 और एमजेसी के 3 मामले लंबित रहने की स्थिति में जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज पदाधिकारी को हिदायत दी कि इस संबंध में आवश्यक करवाई करना सुनिश्चित करें और एक सप्ताह में इसका निष्पादन करना सुनिश्चित करेंगे।

जिला लोक शिकायत निवारण में 6 मामले लंबित होने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी प्रकट की गई एवं निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों का निष्पादन करना सुनिश्चित किया जाए।

पंचायत सरकार भवन की समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि 56 पंचायत सरकार भवन का कार्य पूर्ण है जबकि 39 का कार्य प्रगति पर है और लगभग 26 भूमि की अनुपलब्धता के कारण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।जिलाधिकारी ने इस संबंध में प्रतिवेदन मांगा कि जो कार्य प्रगति पर हैं वहां कितने दिनों से कार्य चल रहे हैं और उनकी अद्यतन स्थिति क्या है? इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन देना सुनिश्चित करेंगे ।
साथ ही भूमि की उपलब्धता को लेकर प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी फील्ड विजिट करते हुए अद्धतन स्थिति की जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी को प्रतिवेदन के रूप में सौंपेंगे तत्पश्चात जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा।

उन्होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया की भूमि की उपलब्धता के मद्देनजर करवाई करने में कोताही न बरती जाए। 15 दिन के अंदर उक्त कार्य करना सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के क्रम में अनुग्रह अनुदान के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि इस संबंध में जो आवेदन लंबित हैं उस पर शीघ्र कार्रवाई नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त नीलाम पत्र वाद की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए।

इसके अतिरिक्त निर्गत पंजी, प्राप्ति पंजी,सेवा पुस्तिका पंजी, अनुक्रमणिका पंजी, कार्यालय आदेश पंजी, प्रधान लिपिक नोट पंजी इत्यादि का भी निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त आशुतोष द्विवेदी, सहायक समाहर्ता श्रेष्ठ अनुपम एवं जिला जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह उपस्थित थे।

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