आज के समय में धन ,धर्म और सत्ता के लिए राजनीति की जा रही है: विजय अमित क्राइम फ्लैश न्यूज

डी एन कुशवाहा

अरेराज पूर्वी चंपारण- आज मकर संक्रांति के अवसर पर पवित्र नदियों के जल में स्नान करने के उपरांत ब्राह्मणों को भोजन दान आदि देने की प्रथा थी –लेकीन दुर्भाग्य से कोरोना काल के कारण इस बार यह संभव नही हो रहा है। पिछले कुछ सालों से देखा जाये तो –एक बात सामने आ रही है कि ब्राह्मणों और संस्कृत भाषा के प्रति लोगों और सरकारों की नजरिया में उदासीनता और भेदभाव का स्वरूप नजर आ रहा है? अरेराज बाबा सोमेश्वर नाथ की नगरी है और यहाँ काशी के जैसा शिक्षा की व्यवस्था की गयी है —लेकीन आश्चर्य की बात है कि संस्कृत भाषा के विकास और पढाई करने के लिए जो संस्थान की स्थापना की गई वह लगभग मृतप्राय हो रही है ??जबकि यह क्षेत्र अपने इतिहास में कई मूर्धन्य विद्वान और महर्षि बाल्मीकि का आश्रम भी रहा है!! अब जब केंद्र और राज्य में हिंदी और हिन्दुत्व की सरकार है तब ऐसी स्थिति उत्पन्न होने के बाद भी कोई विरोध नही किया जाना निश्चित रूप से निराशाजनक है!! एक बात हास्यास्पद है कि– जितनी भीड़ सब्जी मंडी में या खाद दुकान में दिखाई दे रही है उससे बहुत कम मंदिर में पूजा करने वाले लोग होते है— जबकि दर्शन करने वालों को अपने नियंत्रण में रखने की व्यवस्था की जाती है और आजकल खरवास भी चल रहा था जिसके कारण लोग पूजा पाठ कम ही कर रहे थे फिर भी मंदिर बंद कर दिया गया!!! यह सब बहुत सारे सवाल पैदा कर देता है इसलिए यह कहना कि भारत में हिंदू धर्म मुसलमानों से असुरक्षित है शायद गलत है @आज के समय में धन धर्म और सत्ता के लिए राजनीति की जा रही है और भारतीय संस्कृति -संस्कृत भाषा का सम्मान कम होना चिंताजनक है!

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