समाज सुधार यात्रा लाइव: शोर सुनकर भड़क गये CM नीतीश! गुस्से में कहा- अगर ‘नफरत’ है तो चले जाइए यहां से…?

राजीव रंजन की रिपोर्ट

मुजफ्फरपुर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मुजफ्फरपुर में थे। सीएम ने MIT कैम्पस से दहेज प्रथा एवं बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के उन्मूलन तथा नशा मुक्ति को लेकर सामाजिक जागरूकता लाने को लेकर सभा को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान हो-हल्ला हुआ। मीडिया के लोग वहां से जाने लगे। इसके बाद सीएम नीतीश भड़क गये। आपा खोते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि अरे आप लोग क्या कर रहे हैं भाई? ये मीडिया वाले किधर जा रहे हैं? आप लोगों को समाज सुधार अभियान से नफरत है? अगर नफरत है तो चले जाइए यहां से? आप कौन काम कर रहे हैं यहां?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अगर हम केवल विकास की बाते करेंगे तो उससे समाज आगे नहीं बढ़ेगा। 2005 में हमने शपथ लिया था तब से काम कर रहे हैं। बीच में 9 महीने के लिए छोड़ना पड़ा था। लेकिन फिर हमको आकर काम करना ही पड़ा। समाज के सुधार के लिए काम नहीं होगा तो विकास का कोई मतलब नहीं रहेगा।हमने समाज के पिछड़े तबको के उत्थान के लिए विशेष ध्यान दिया। मुजफ्फरपुर से हमें विशेष लगाव है। कितनी बार हम यहां आये हैं. 2005 में सरकार बनने से पहले हमने जो अभियान चलाया था जिसेक बाद सरकार बनी थी। यहां के लोग हमें किस तरह से स्वागत किया था? हम भूलेंगे नहीं।
बिहार पहला राज्य बना जहां पंचायत में महिलाओं के लिए पचास फीसदी आरक्षण दिया। हमें केंद्र में भी काम करने का मौका मिला। बिहार में स्वयं सहायता समूह गठित नहीं था। अन्य जगहों पर था। हमने विश्व बैंक से कर्ज लेकर जीविका समूह की शुरूआत की। इसके बाद महिलाओं में कितनी जागृति आई है। एक करोड़ 27 लाख महिलायें जीविका समूह से जुड़ी हैं। महिलाओं-लड़कियों के लिए जो कुछ भी किया जा सकता था हमने किया।
नीतीश कुमार ने कहा कि आपको मालूम है? पिछले साल मैट्रिक की परीक्षा में लड़कों से 200-300 अधिक संख्या लड़कियों की थी। जब हमने साईकिल योजना शुरू की तो हमारा मजाक उड़ाया गया था। कहा गया कि लड़कियां साईकिल चलायेंगी तो लोग सड़क पर तंग करेंगे। हमने कहा कि एक आदमी को हिम्मत नहीं कि लड़की साईकिल चलायेगी तो तंग करेंगे। हमने पुलिस में महिलाओं को आगे बढ़ाया। आज पूरे देश में महिला सिपाहियों का प्रतिशत सबसे अधिक यहां का है।
सीएम नीतीश ने कहा कि बीच-बीच में गड़बड़ करने वाला आदमी होता ही है ? सबलोग सही रास्ते चल ही नहीं सकते। इसलिए निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है। बीच-बीच में कुछ घटनायें घटित हुई इससे सबक लेकर आगे का काम करना पड़ा है। नौ जगहों पर शराबबंदी पर बैठक की। फिर भी कहीं-कहीं गड़बड़ करने वालों ने गड़बड़ किया। हमें निरंतर अभियान चलाना है।
सीएम नीतीश ने कहा कि 16 नवंबर को हमने शराबबंदी पर बैठक की। इसके बाद शराब पीने-कारोबार करने के आरोप में 13 हजार लोगों की गिरफ्तारी की गई है। हमलोगों ने जो अभियान शुरू किया उससे पहले 70-80 कॉल आते थे अब करीब 200 कॉल शराब को लेकर आ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *