बत्तख मियाँ की कुर्बानी से असफल हो गया गांधीजी को जहर देकर जान मारने की साजिश: विजय अमित निदेशक आयाम

आगामी 04 दिसम्बर को गांधी संग्रहालय मोतिहारी में मनाई जाएगी बत्तख मियाँ जी की पुण्य तिथि

डी एन कुशवाहा

मोतिहारी पूर्वी चंपारण– आज़ादी की लड़ाई में चम्पारण का नाम सूर्य की तरह अंकित है। मोहन दास करमचंद गाँधी को जब अमर शहीद राम चंद्र शुक्लाजी ने चम्पारण के निलही किसान और अंग्रेजी कोठी के अफसरान की जुल्म की कहानी बताये और डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी के साथ गाँधी जी चम्पारण आये तो आजादी के लड़ाई की रूपरेखा कारुणिक और जन आन्दोलन का हिस्सा बन गई। उक्त बातें आयाम के निदेशक विजय अमित ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। साथ ही उन्होंने कहा कि चम्पारण सत्याग्रह आन्दोलन की शुरुआत हुई और फिर अंग्रेजी सरकार को एक नई जन विरोध का सामना करना पड़ा। जिसका परिणाम यह हुआ कि आजादी देना ही पड़ा।गौर करने वाली बात यह है कि इस आंदोलन की पूरी रुप रेखा डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी ने बनाया यहाँ तक कि सारे किसानों की सूची तैयार किया और उसकी जांच पड़ताल की यह बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही। उसी दर्मियान एक बहुत रोचक घटना घटी –गांधी जी को निलही कोठी के मैनेजर इरविन द्वारा साजिशन जहर देकर मारने के लिए तत्कालीन रसोइया बत्तख मियाँ को दूध में जहर मिलाकर देने का प्रयास किया गया, जो लगभग सफल हो जाता लेकिन बत्तख मियाँ की कुर्बानी से असफल हो गया। जिसकी वजह से गांधी जी को जिन्दगी मिल गई । लेकिन बत्तख मियाँ की जिन्दगी– तबाह हो गई- नौकरी छूट गयी,मकान जमिजोंद कर दिया गया और कारावास की सजा सुनाई गई।खैर आजादी के बाद 1950 में जब डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी प्रथम राष्ट्रपति के रूप में मोतिहारी आये और भीड़ में बत्तख मियाँ को देखा तो उनकी दिन हीन दशा को देख बहुत दुखी हो गये और वहां उपस्थित जन समुदाय को बत्तख मियाँ की कहानी और त्याग- कुर्बानी की बात बताई। साथ ही बिहार सरकार को बत्तख मियाँ को 37 एकड़ जमीन देने के लिए आदेश दिया। जो दुर्भाग्य से आज तक पुरा नहीं किया गया है!! उन्होंने कहा कि आगामी 04 दिसम्बर को बत्तख मियाँ जी की पुण्य तिथि पर गांधी संग्रहालय मोतिहारी में सिकटा के विधायक माननीय रविन्द्र गुप्ता जी(माले) के नेतृत्व में बत्तख मियाँ के परपोते चिराग अंसारी,सिराजुद्दिन अंसारी,कलाम अंसारी,विष्णु देव यादव सहित माले के कार्यकर्ताओ द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें वर्तमान राष्ट्रपति महोदय से इस विषय पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कारवाई करने के लिए रूपरेखा तैयार की जायेगी !! उक्त जानकारी आयाम के निदेशक विजय अमित ने दी।

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