आगामी 30 एवं 31 जनवरी 2022 को महर्षि बाल्मिकी आश्रम दीघा मठ में आध्यात्मिक संसद का किया जाएगा आयोजन: मनीष कुमार शेखर

डी एन कुशवाहा

मोतिहारी पूर्वी चंपारण– महर्षि बाल्मिकी आश्रम दीघा मठ पूर्वी चम्पारण में 30 एवं 31 जनवरी 2022 को पूर्वी चम्पारण आध्यात्मिक संसद का आयोजन किया जाएगा। आज महर्षि बाल्मिकी आश्रम दीघा मठ के पीठाधीश्वर स्वामी घनश्याम दास जी के साथ बैठक के बाद कार्यक्रम के संयोजक तथा आरटीआई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया नई दिल्ली के अध्यक्ष मनीष कुमार शेखर ने प्रेस को जानकारी दी है। श्री शेखर ने कहा कि पूर्वी चम्पारण विकास महासम्मेलन के क्रम में 30-31 जनवरी को दो दिवसीय पूर्वी चम्पारण आध्यात्मिक संसद में 30 जनवरी को पूर्वी चम्पारण जिले के सभी आध्यामिक स्थलों की विशेषता के साथ चित्र प्रदर्शनी का आयोजन होगा तथा 31 जनवरी को जिले के सभी संत महात्माओं का समागम होगा। शेखर ने कहा कि महर्षि बाल्मिकी आश्रम दीघा मठ का पौराणिक महत्व है जहां महर्षि बाल्मिकी रहते थे तथा उनके साथ माता सीता एवं लव कुश भी रहते थे। अश्वमेघ का घोडा इसी जिला में पकडा गया था तथा संग्रामपुर में ही राम एवं लवकुश का युद्ध हुआ था। खुदाई में दीघा मठ में महर्षि बाल्मिकी का दिब्य हवनकुंड मिला है, जिसको चिन्हित किया गया है। श्री शेखर ने कहा कि इस अवसर पर पूर्वी चम्पारण के सभी पीठ के पीठाधीश्वर को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण स्थलों को चित्र के साथ पूर्वी चम्पारण के धरोहर नाम से पुस्तक का प्रकाशन और लोकार्पण भी किया जाएगा। बैठक में दीघा मठ के पीठाधीश्वर स्वामी घनश्याम दास जी एवं कार्यक्रम संयोजक मनीष कुमार शेखर, भारत स्काउट और गाइड के जिला मुख्य आयुक्त रत्नेश्ववरी शर्मा तथा समाजसेवी अखिलेश सिंह उपस्थित थे।

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