अम्बेडकर ज्ञान मंच रक्सौल के तत्वावधान में मनाया गया संविधान दिवस

शिक्षा ही संवैधानिक अधिकारों को जानने का साधन है: नागेश्वर कुमार

डी एन कुशवाहा

रक्सौल पूर्वी चंपारण – अम्बेडकर ज्ञान मंच के तत्वावधान में शुक्रवार को संविधान दिवस समारोह का आयोजन रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आहुत किया गया। इस मौके पर कृतज्ञ मंच के अतिथियों व सदस्यों ने देश के संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण सह पुष्पार्चन कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बीईओ नागेश्वर कुमार ने कहा कि शिक्षा ही संवैधानिक अधिकारों को जानने का साधन है। इसके लिए समाज के अभिवंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ना होगा,क्योंकि कोई भी बदलाव शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। इससे पहले समाज को नशामुक्त होना होगा। श्री कुमार ने कहा कि संविधान ने हमारे अधिकारों को संरक्षित करते हुए हमें आगे बढ़ने का अवसर दिया है। अतः इसका संरक्षण भी जरूरी है। इसके प्रति समर्पित होकर सामाजिक विकास की इबारत गढ़ी जा सकती है। मंच के संस्थापक मुनेश राम ने कहा कि संविधान ने विविध संस्कृतियों व विविधता भरे हमारे देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है।विश्व अनोखा भारतीय संविधान ही सच्चे तौर पर राष्ट्रीय ग्रंथ है।बाबा साहेब ने भारतीय संविधान की रचना कर विश्व के एक बड़े लोकतांत्रिक व जनकल्याणकारी देश की स्थापना करने में महती भूमिका निभायी। हम भारतीय संविधान व उसमें निहित अधिकारों की रक्षा करके ही देश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकते है। इसके लिए अम्बेडकर ज्ञान मंच कृतसंकल्पित है। वही विशिष्ट अतिथि जेएसएस मिथिलेश कुमार मेहता ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक गैरबराबरी व नशामुक्त समाज की स्थापना के लिए सरकार एक मुहिम छेड़ी हुई है।इसे अपना कर हम अपने उद्देश्यों की पूर्ति कर सकते है। शिक्षिका व मंच की महिला सदस्य पूजा कुमारी ने कमजोर तबके के साथ ही महिलाओं का आह्वान करते हुए कही की बाबा साहेब व उनके द्वारा रचित संविधान ने ही सबको सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिया है। इसके लिए सर्वाधिक शुक्रगुजार महिलाओं को होना चाहिए और आगे बढ़कर संवैधानिक प्रावधानों के तहत रूढ़िवादिता व अंधविश्वास का त्याग कर समाज को दिशा देने चाहिए। तभी हम बाबा साहेब के सपनों का भारत निर्माण कर सकते है। केंद्रीय अध्यक्ष रविन्द्र राम ने लॉगिन का आह्वान करते हुए कहा कि संविधान ही हमारा राष्ट्रीय ग्रंथ है,जिसके माध्यम से देश की विधि-व्यवस्था या हम सभी चलते है। अम्बेडकर ज्ञान मंच का उद्देश्य है कि भारतीय संविधान का वाचन प्रतिदिन हो,जिससे लोगों में अपने संवैधानिक अधिकार व कर्तव्य का भाव जागृत हो सके। इस मौके पर संविधान का प्रस्तावना पाठ भी किया गया तथा कार्यक्रम के बाद मधनिषेध व नशामुक्त समाज बनाने के लिए समवेत स्वर में शपथ ग्रहण किया गया।कार्यक्रम में मीडिया फाॅर बॉर्डर हार्मोनी के अध्यक्ष उमाशंकर प्रसाद,चन्द्रकिशोर पाल,मंच के सदस्य दीपक अग्निरथ,भाग्य नारायण साह,बिट्टू गुप्ता,पूजा कुमारी,ताराचंद राम,रामपूजन राम भगत,सोहन राम,सैफुल आजम तथा विपिन कुमार चौरसिया सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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