हाय रे महंगाई


हाय रे महंगाई

देश अभी कोरोना की मार से उभर ही रहा था कि आसमान छूती महंगाई कमर तोड़ने को तैयार है।
दाल,चावल, सब्जी, तेल तमाम चीजें अपने भाव दिखा रहे हैं और जनता हाय हाय अलाप रही है। और जनता के पास चारा ही क्या है?
क्योंकि हमारी सरकार के पास कीमतें बढ़ाने को हर तर्क मौजूद होते हैं मगर इसे रोकने का कोई उपाय नहीं है।
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से देश का आम जनमानस पहले ही परेशान है। ऊपर से केंद्र सरकार ने हाल ही में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी करके एक और बड़ा झटका दे दिया। देश में पेट्रोल डीजल सौ के पार बिक रहे हैं ऐसे में रसोई गैस के दाम बढ़ाना अत्यधिक बुरा फैसला है।
जनता पिछले सवा साल से कोरोना का कहर झेल रही थी इस दौरान देश में अधिक से अधिक समय लॉकडाउन लगने के कारण लोगों को घर में ही रहना पड़ा था जिससे काम धंधों में काफी प्रभाव पड़ा। रोजगार को लेकर आय को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन अब जनता धीरे-धीरे उभर ही रही थी की इस दौरान महंगाई का यूं बड़ जाना आम जनता की कमर तोड़ देना जैसा है।

ज़रा सोचिए 20 रूपये प्रतिदिन की आय से गुजारा करने वाले करीब 83 करोड़ लोग अपना गुजारा कैसे करेंगे?
इस बढ़ती महंगाई से गरीब क्या मध्यवर्ग का भी जीना बेहाल हो गया है।
आख़िर गुज़ारा करे तो करे कैसे?
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि वो दिन रात देश की जनता की उन्नति के बारे में सोचते हैं और करने का प्रयास करते हैं।
मगर न जाने क्यों देश की मौजूदा स्थिति से मुखिया जी अनजान बने हुए हैं।

_मयूरी श्रीवास्तव_

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed