रामगढ़वा- सिंहासनी मुख्य पथ में सिसवनिया गांव के सड़क पर वर्षों से हो रहा है जल जमाव, जनप्रतिनिधि व प्रशासन निष्क्रिय

ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं का जीवन हुआ नरकमय

डी एन कुशवाहा

रामगढ़वा पूर्वी चंपारण- आजादी के 74 साल बीत जाने के बाद भी नहीं बदली रामगढ़वा के सिसवनिया गांव के मुख्य पथ की सूरत, सड़क के बगल में अवस्थित पी के एकेडमी स्कूल के बच्चों,अभिभावकों व ग्रामीणों का जीवन हुआ नरकमय। इस बाबत विद्यालय के संचालक व ग्रामीण संजय कुमार ओझा ने बताया कि इस सड़क पर “भरला भादो सरला सावन” पानी लगा ही रहता है। सड़क पर पानी लगे रहने के कारण उसमें बने बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं और साइकिल ,मोटरसाइकिल सवार व पैदल यात्री हमेशा गिरते रहते हैं। जिसके कारण अभी तक दर्जनों यात्री व बच्चों के हाथ-पैर इस गड्ढेनुमे सड़क पर गिरने से टूट चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक इस खतरनाक सड़क पर न तो जनप्रतिनिधियों का और न प्रशासन का ध्यान हो रहा है। वहीं ग्रामीण व सीता सावित्री म्यूजिकल इंस्टिट्यूट रामगढ़वा के निदेशक संजय कुमार दास ने बताया कि हमेशा पानी लगे रहने के कारण इस सड़क से पार करना खतरे से खाली नहीं है। वही विवेकानंद विद्यालय के निदेशक मदन ओझा ने बताया कि इस पर पानी लगे रहने के कारण हमलोग नरकीय जीवन जीने को लोग विवश हैं। वही चिकित्सक प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि इस सड़क पर पानी लगे रहने के कारण हमलोग 3 किलोमीटर अधिक दूरी तय कर अपने गांव सिसवनिया आते हैं। चिकित्सक श्री शर्मा ने बताया कि इस सड़क पर पानी लगे रहने के कारण सबसे अधिक कष्ट महिलाओं को होती हैं। वही ग्रामीण व एम के मिशन आवासीय विद्यालय भलुवहिंया रामगढ़वा में कार्यरत शिक्षिका दीपा वर्मा ने बताया कि इस सड़क से गुजरने के पहले हम महिलाओं की रूह कांप जाती है। उन्होंने कहा कि इस सड़क पर कई घरों के नाली के इतने गंदे पानी का जमाव रहता है कि उसमें पैर रखकर पार करने के बाद पैर में खुजली हो जाती है। उक्त सभी लोगों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उक्त सड़क का यथाशीघ्र निर्माण करवाने की मांग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से की है।

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