प्रशासन के ढुलमुल रवैया से अवैध नर्सिंग होम का बोलबाला

मुजफ्फरपुर से राजीव रंजन की रिपोर्ट

यूं कहे तो प्रशासन के ढुलमुल रवैया या प्रशासन की मिलीभगत से सूबे में अवैध नर्सिंग होम का बोलबाला है तभी तो अमूमन मुजफ्फरपुर जिले के सभी प्रखंड में रोजाना अवैध नर्सिंग होम में किसी न किसी की मौत होती है और प्रशासन मूकदर्शक बनकर बैठा रहता है अभी फिलहाल सकरा प्रखंड के अंतर्गत निशा नर्सिंग होम में पिंकी कुमारी की मौत गलत गिलास के कारण हो गई पिंकी कुमारी सकरा प्रखंड के बसत पूर्व झटका ही मैं अपने मायके में रक्षाबंधन के समय से रह रही थी जो गर्भवती भी थी 2 दिन पूर्व पिंकी कुमारी प्रसव पीड़ा के समय निशा नर्सिंग होम में ग्राम की आशा के साथ जाकर निशा नर्सिंग होम में बढ़ती हुई जहां गलत इलाज होने से पिंकी कुमारी की मौत हो गई और निशा नर्सिंग होम के सारे के सारे स्टाफ और झोलाछाप डॉक्टर फरार हो गए इसके उपरांत सकरा थाना मौके पर पहुंची जायजा लिया फिर ढाक के तीन पात वही बात जो सुबह में पुरानी है कुछ जनप्रतिनिधि के आगे आने से और समझौता करवा कर दोनों को बरी करवा दिया इसमें खासकर स्थानीय जनप्रतिनिधि का वर्चस्व ज्यादा होता है और वह दोनों तरफ से वाहवाही लूटते हैं किंतु जिस घर का चिराग लुट जाता है उसे ही पता चलता है की मातम क्या होता है क्या इसकी भनक दैनिक समाचार के द्वारा उच्च अधिकारी को नहीं मिलती है तब भी अधिकारी चुपचाप आंख मूंदकर जनता को मरने के लिए छोड़ देते हैं और ऐसे में अवैध रूप से चलने वाले नर्सिंग होम का बोलबाला हो जाता है और चंद रुपए देकर लोगों को बहला-फुसला कर अपने हाल पर रोने को छोड़ देते हैं ज्ञात हो ही हर प्रखंड में एक रेफरल अस्पताल होता है जहां हर गांव में रहने वाले के लिए सरकार की तरफ से आशा की बहाली की जाती है किंतु आशा चंद पैसों के लिए निजी नर्सिंग होम में दाखिला करवाती है जिससे इन आशा को 25 से 30 परसेंट का मुनाफा होता है सकरा प्रखंड में भी कुछ आशा है जो चंद पैसों के लिए अपना ईमान बेच डालती है ऐसे में सकरा रेफ्लर अस्पताल में प्रमिला देवी और विमल देवि का बोल वाला है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed