अंतर्राष्ट्रीय शहर रक्सौल में जाम लगने के कारण स्कूली बच्चों को गाड़ी में ही बिताना पड़ता है घंटों समय

रक्सौल में जाम की समस्या के कारण रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं इमरजेंसी मरीज

रक्सौल में जाम लगने का मुख्य कारण है- ट्राफिक पुलिस की कमी,सड़क का अतिक्रमण, रिक्शा, टंगा, टेंपो और बस चालकों की मनमानी एवं गलत जगह पर पड़ाव : अरुण कुमार गुप्ता अध्यक्ष

डी एन कुशवाहा

रक्सौल पूर्वी चंपारण-अंतरराष्ट्रीय शहर के रूप में विख्यात रक्सौल में जाम लगने से यहां के व्यवसायियों, आमजनों, स्कूली बच्चों,बिमार मरीजों आदि को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो लाचार तैनात सुरक्षाकर्मियों के प्रयास के बावजूद भी घंटों-घंटों तक जाम से निजात नहीं मिल पाता है‌। जिसकी वजह से स्कूली बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है और घंटों बस में ही बिताना पड़ता है। उक्त बातें प्रेस वार्ता के दौरान चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता ने सोमवार को कही। साथ ही उन्होंने कहा कि रक्सौल शहर में बिमार मरीजों का एंबुलेंस जाम के कारण निकल नहीं पाता है। जिसके कारण कितनों की अकाल मृत्यु भी हो जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार रक्सौल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा स्थानीय प्रशासन को इस लाईलाज संकट से छुटकारा दिलाने वास्ते सुझाव दिया गया। परन्तु कोई सार्थक प्रयास नहीं किया जा सका।
उन्होंने बताया कि जाम लगने के मुख्य कारण है ट्राफिक पुलिस की कमी,यहां के मनमौजी बस संचालकों, अवांछित स्टैंड इंचार्जों, ई-रिक्शा चालकों तथा घोड़ा गाड़ी वालों के द्वारा प्रस्तावित स्टैंड को छोड़कर मुख्य सड़क के मेन रोड नहर चौक,बाटा चौक पर सड़कों को पूरी तरह से अवरुद्ध कर घंटों खड़े रहने से हमेशा जाम लगी रहती है। स्थानीय व्यापारियों द्वारा अपने दुकान के सामने नहीं लगाने के लिए कहने पर, उग्र एवं झगड़ालू स्वभाव के इंचार्जों द्वारा अभद्रता करने के साथ-साथ लड़ाई करने पर उतारू हो जाते हैं। जिससे सीधे-सीधे व्यवसायी अपनी व्यवपार में काफी घाटा उठाते हैं जिसके कारण उनके परिजनों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जाम की ऐसी विकट व घातक समस्या से निजात दिलाने हेतु चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता ने पुनः अपने व्यथित विचारों से स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराते हुए यथाशीघ्र ठोस कदम उठाने व जाम की समस्या से निजात दिलाने कि मांग की है।

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