रुद्राभिषेक यज्ञ कराने से मानव की आत्म शक्ति, ज्ञान शक्ति व मंत्र शक्ति की प्राप्ति होती है एवं जीवन मंगलमय बन जाता है: आचार्य मुकेश

डी एन कुशवाहा

रामगढ़वा पूर्वी चंपारण- रुद्राभिषेक यज्ञ कराने से मानव के अंदर सद्बुद्धि, सद्विचार, सद धर्म और सत्यकर्म की प्रवृत्ति आती है। मानव की आत्मशक्ति, ज्ञान शक्ति व मंत्र शक्ति की प्राप्ति होती है और जीवन मंगलमय बन जाता है। उक्त बातें रामगढ़वा प्रखंड क्षेत्र के प्रकांड विद्वान व सिमुलतला विद्यालय जमुई के अतिथि शिक्षक आचार्य मुकेश पांडे ने बुधवार को रामगढ़वा प्रखंड क्षेत्र के मंगलपुर पटनी गांव निवासी नंद किशोर सिंह के दरवाजे पर आयोजित रुद्राभिषेक यज्ञ के शुभ अवसर पर बुधवार को कही। वही तुरकौलिया के मधुमालत से यज्ञ कराने आए प्रकांड विद्वान सर्वेश पांडे ने कहा कि रुद्राभिषेक यज्ञ कराने वाले यजमानों के अंदर दैवीय शक्ति, दैवीय गुणों का प्रादुर्भाव होता है और अंतः करण की अपवित्रता, मलविक्षेप एवं कुसंस्कारों का निवारण होता है। इस अवसर पर मोतिहारी के मोतिहारी मटियरीया गांव निवासी व प्रकांड विद्वान आचार्य राजकिशोर पांडे (दैवज्ञ जी) ने कहा कि रुद्राभिषेक यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों के श्रवण से मानव शिव तुल्य हो जाता है।
उन्होंने कहा “वेद: शिव: शिवो वेद:”
उन्होंने बताया की इस महायज्ञ से धर्म,अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा संक्रामक रोगों का नाश और आरोग्यता की प्राप्ति होती है। साथ ही भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
ज्ञात हो कि रामगढ़वा प्रखंड क्षेत्र के मंगलपुर पटनी गांव निवासी नंदकिशोर सिंह के घर पर नाग देवता का प्रकट होना शुभ का संकेत माना जा रहा है। इस बाबत नंदकिशोर सिंह ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि आज से 15 दिन पूर्व सुबह 3 बजे मैं घर से बाहर निकला तो एक नाग देवता आकर मेरे सामने खड़े हो गए। पहले तो मैं डर गया लेकिन जब नाग देवता स्थिर होकर मेरे सामने ही सो गए तो धीरे-धीरे मेरा डर भए खत्म हो गया। वहां से जब मैं नाग देवता को एक लकड़ी के सहारे उनका मुख दरवाजे की दिशा में कर दिया ताकि वे बाहर चले जाएं। उसके बाद मैं घर में आया तो नाग देवता पुनः घर में भी आ गए और मेरे सामने खड़े हो गए। उसके तुरंत बाद नाग देवता अलोपित हो गए। उन्होंने बताया कि इस वाक्य को मैंने अपने पुरोहित आचार्य मुकेश पांडे जी से बताया तो उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ नाग देवता के रूप में आपके घर पर पधारे थे। इसलिए आप रुद्राभिषेक जब कराइए, आपका मंगल होगा। इसी उपलक्ष्य में मैंने हरितालिका व्रत के स्नानोत्सव के शुभ अवसर पर रुद्राभिषेक यज्ञ कराया है। मौके पर पंडित ददन पांडे, पंडित लाल भूषण पांडे, पंडित झूना पांडे,टेंगर ठाकुर, यज्ञी नंद किशोर सिंह की धर्मपत्नी कृष्णावती देवी, पुत्र अभय कुमार, अभिमन्यु कुमार ,अनुज कुमार, पुत्रवधू सोनी देवी, पौत्र अभिशान बाबू, पुत्री जूली देवी,पड़ोसी जंग बहादुर सिंह, आर्मी के सेवानिवृत्त कैप्टन भाग्य नारायण राय, अरुण कुमार सिंह और पप्पू कुमार, संतोष कुमार सिंह तथा सेवानिवृत्त शिक्षक काशीनाथ सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed