केसीटीसी कॉलेज के प्रोफेसर से एस एल के कॉलेज सीतामढ़ी के प्राचार्य बने प्रो.अनिल कुमार सिन्हा की अश्रुपूरित नेनो से की गई विदाई

डी एन कुशवाहा/रक्सौल पूर्वी चंपारण

प्रो.अनिल कुमार सिन्हा महाविद्यालय के प्रमुख रत्न है जिन्होंने कालेज में कामर्स एवं विज्ञान की पढाई प्रारम्भ करने में अहम भूमिका अदा की। इग्नू को ऊंचाई तक पहुंचाया ।कई भवनों का निमार्ण करवाया, रचनात्मक, वृक्षारोपण, सफाई, पठन पाठन के साथ छात्रों के बौद्धिक विकास हेतु लगातार कार्य किया। महाविद्यालय परिसर में खेलकूद के विकास के लिए इंडोर स्टेडियम का निमार्ण होने जा रहा है जो इनकी देन है। प्रो. सिन्हा विश्विद्यालय में वनस्पति विज्ञान के सबसे वरीय प्राध्यापक है। कुलपति ने इन्हें एस एल के कालेज के प्राचार्य की जिम्मेवारी दी है। छात्र छात्राओं के बीच अति लोकप्रिय प्राध्यापक है। शिक्षक संघ के सचिव डॉक्टर चंद्रमा सिंह ने प्रो. सिन्हा को असाधारण प्रतिभा संपन्न व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका कालेज से जाना कालेज के लिए क्षति है। समाज एवं छात्रों के बीच लोकप्रियता का ही परिणाम है कि सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्य उपस्थित हैं। महाविधालय में गमगीन माहौल में छात्रों एवं शिक्षकों ने माला से ढक दिया जो आज तक का रिकॉर्ड है। किसी के स्थानान्तरण में विदाई की परिपाटी नहीं रही है पर आज महाविधालय परिसर गर्व के साथ प्रो. सिन्हा का अभिनंदन कर रहा है। उक्त अवसर पर प्रो. राजीव पाण्डेय, डा. राजकिशोर सिंह, डा. प्रदीप श्रीवास्तव , एम. सफुल्लाह, डा. नारद प्रसाद, डा. अनिल कुमार आदि उपस्थित थे । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, युवा सहयोग से युवा आर जे डी के सैकड़ों कार्यकर्त्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे। छात्रसंघ के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, युवा सहयोग दल के अध्यक्ष संतोष छात्रवंशी, नीरज कुशवाहा, समरजीत कुमार, युवा आर जे डी के अरविन्द कुमार दास, दुर्गेश कुमार सहित सैकड़ों लोगों ने अभिनंदन किया। उक्त अवसर पर प्रो0 डा0 अनिल कुमार सिन्हा ने कहा कि मैं आपार जन समूह को देखकर भावविह्वल हूं। यह मातृ कालेज है और इससे आत्मिक लगाव है और जो कुछ भी हूं इसका ही देन है। 36 वर्षों के लगातार सेवा करने के बाद जा रहा हूं, निश्चित रूप से बिछुड़न का भाव है पर इसके विकास के लिए हर संभव प्रयत्नशील रहूंगा। आप। सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों का आभारी हूं जिन्होंने भरपूर सहयोग किया है। प्राचार्य डा. जयनारायण प्रसाद का भी आभारी हूं जिन्होंने पूरा सहयोग किया। विदाई समारोह के अंत में प्रो० सिन्हा ने परिसर में स्थित माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया,संस्थापक प्राचार्य प्रो० ज्वाला प्रसाद श्रीवास्तव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि किया और नमन किया ।परिसर को झुक कर प्रणाम कर बाहर निकले।पूरा वातावरण गमगीन हो गया।

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