फेक्टर विनियमन विधेयक को लोकसभा से मंजूरी, इंडस्ट्रीज को होगा लाभ

नई दिल्ली– लोकसभा ने सोमवार को ‘फेक्टर विनियमन (संशोधन) विधेयक 2020’ को मंजूरी दे दी जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों को ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त रास्ते सुलभ कराने का प्रस्ताव किया गया है। इस विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा, “इस विधेयक के माध्यम से फैक्टर विनियमन अधिनियम 2011 में संशोधन किया जा रहा है। 2011 के कानून में यू के सिन्हा समिति की सिफारिशों के आधार पर इस विधेयक में तीन संशोधन लाए गए है।”


 

उन्होंने कहा कि 14 सितंबर, 2020 में इस विधेयक को पेश किया गया था। साथ ही 24 सितंबर को इसे स्थायी समिति को भेजा गया। स्थायी समिति की सभी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग को इससे लाभ मिलेगा। विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि इस बारे में वर्ष 2019-20 तथा वर्ष 2020-21 के बजट संबोधन में घोषणा की गई थी। इन संशोधनों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों की प्रत्यय सुविधा प्राप्त करने के लिये और रास्ते उपलब्ध कराकर, खासतौर पर व्यापार से प्राप्त होने वाली आय के माध्यम से सहायता प्रदान करने की बात कही गई है।
इसमें कहा गया है कि कार्यशील पूंजी की उपलब्धता में वृद्धि से सूक्ष्म, लधु और मध्यम उपक्रमों से जुड़े क्षेत्र के कारोबार में वृद्धि और देश में रोजगार को बढ़ावा मिल सकेगा। इसमें ‘‘फेक्टर कारोबार’ और ‘प्राप्तव्यों’ की परिभाषा में संशोधन करने की बात कही गई है ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की परिभाषा के अनुरूप लाया जा सके।

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