Published On: Mon, May 14th, 2018

पश्चिम बंगाल: पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा, 20 लोग घायल; फूंकी मीडिया की गाड़ी

 पश्चिम बंगाल के 20 जिलों में पंचायत चुनावों के लिए वोटिंग जारी है। इस बीच प्रदेश में हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं। मतदान शुरू होने के दो घंटे से भी कम समय के भीतर राज्य चुनाव आयोग को प्रदेश के चार जिलों में हिंसा की शिकायतें मिली हैं। चुनाव आयोग ने राज्य और पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कहा है।

कूच बिहार में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प में 20 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। स्थानीय लोगों ने कहा, ‘हम मतदान करने के लिए गए थे, लेकिन टीएमसी से जुड़े लोगों ने हम पर हमला कर दिया।’ बीरपारा के बूथ नंबर 14/79 पर कथित टीएमसी कार्यकर्ताओं ने वोटरों को मतदान करने से रोका। भंगार में एक मीडिया वाहन में आग लगा दी गई है और मीडियाकर्मी के कैमरे को भी तोड़ दिया गया है। मीडिया को क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।

चुनाव शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कराने के लिये सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं, सभी बूथों पर सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। मतदान सुबह सात बजे से लेकर शाम पांच बजे तक होंगे। अतिसंवेदनशील व संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

इस बार पंचायत चुनाव में सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच जोरदार टक्‍कर देखने को मिल रही है। अगले साल होने वाले आम चुनावों को लेकर पंचायत चुनाव की अहमियत काफी बढ़ गई है। राजनीतिक दल इसे लोकसभा चुनावों से पहले अपनी शक्ति परीक्षण के तौर पर देख रहे हैं। मतगणना 17 मई को होगी।

पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 3,358 ग्राम पंचायतों की 48,650 में से 16,814 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं 31 पंचायत समितियों की 9,217 में से 3,059 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है। इसी तरह 20 जिला परिषदों की 825 में से 203 सीटों पर मुकाबला निर्विरोध रहा है।

चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, और वाम मोर्चा के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ टीएमसी ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा की, वहीं तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष का कोई जनाधार नहीं है और वह चुनाव से बचने का प्रयास कर रहे थे।

SC ने ई-मेल से नामांकन के हाइकोर्ट के आदेश पर लगाई थी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाइकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग को पंचायत चुनाव के लिए ई-मेल से नामांकन मंजूर करने को कहा गया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग और राज्य सरकार से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए कहा था।

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