लोगों को भारतीय मार्शल आर्ट, कलरीपायट्टू के बारे में बात करनी चाहिए: विद्युत जामवाल

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नई दिल्ली : बॉलीवुड के एक्शन स्टार विद्युत जामवाल का कहना है कि वह भारतीय सिनेमा के माध्यम से स्वदेशी मार्शल आर्ट कलरीपायट्टू को लोकप्रिय बनाना चाहते हैं।

विद्युत एक प्रशिक्षित मार्शल आर्टिस्ट हैं और उन्होंने तीन साल की उम्र से कलरीपायट्टू सीखा है।

विद्युत ने आईएएनएस से कहा, मेरे पास फिलहाल अभी तक इसे लेकर कोई आइडिया नहीं है कि इसे कैसे प्रस्तुत किया जाना चाहिए, लेकिन भारतीय सिनेमा के प्रति मेरा नजरिया यह है कि लोगों को मार्शल आर्ट के बारे में कलरीपायट्टू के बारे में बात करनी चाहिए। यह एक मूल भारतीय मार्शल आर्ट है।

पर्दे पर कलरीपायट्टू को लोकप्रिय बनाने को लेकर उन्होंने कहा, जब भी मैं जैकी चैन से कोई पुरस्कार लेने जाता हूं, और जब वे भारतीय मार्शल आर्ट कलरीपायट्टू की बात करते हैं, तो मुझे गर्व महसूस होता है। दुनियाभर में भारतीय एक्शन सिनेमा के लिए मेरा नजरिया यही है कि हमें इसे प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।

कमांडो फ्रेंचाइजी फिल्मों से प्रसिद्धि पाने वाले विद्युत ने महसूस किया है कि आज विश्व स्तर पर जो कई लोकप्रिय चीजें हैं, वास्तव में वह भारत में उत्पन्न हुई हैं।

उन्होंने कहा, जब मैं भाले पर लेट जाता हूं, तो वे कहते हैं, शाओलिन मॉन्क्स भी ऐसा करते हैं। शाओलिन मॉन्क्स इसलिए करते हैं, क्योंकि उन्होंने इसे बोधिधर्म नामक एक भारतीय व्यक्ति से सीखा था। मैं बस इतना चाहता हूं कि हर कोई जागरूक रहे। लोगों को पता होना चाहिए कि मार्शल आर्ट एक भारतीय कौशल है, और यही मेरा नजरिया है।

अभिनेता को हाल ही में डिजिटल मंच पर रिलीज फिल्म खुदा हाफिज में देखा गया था। वह अगली बार फिल्म के दूसरे अध्याय में दिखाई देंगे।