यूपी विधानसभा उपचुनाव के लिए बसपा की क्या है तैयारी,समीकरण और कैसे होंगे उम्मीदवार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। जातीय समीकरण के आधार पर संभावित उम्मीदवारों को मैदान में तैयारियों में जहां लगाया जा चुका है, वहीं मुख्य सेक्टर प्रभारियों को भी जातिगत आधार पर समीकरण बैठाने के लिए कहा गया है। संभावित उम्मीदवारों में कुछ सीटों पर बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। जौनपुर की मल्हनी सीट को लेकर टिकट के दावेदारों का संघर्ष जारी है।

उपचुनाव में झोंकी ताकत

अमूमन उपचुनाव न लड़ने वाली बसपा ने आठों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। मायावती ने दिल्ली में इस माह कई चरणों में मुख्य मुख्य सेक्टर प्रभारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुकी हैं। विधानसभा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए कुछ सेक्टर प्रभारियों की जिम्मेदारियां भी बदली गई हैं।

मायावती ने मुख्य सेक्टर प्रभारियों के साथ उपचुनाव की आठों सीटों फिरोजाबाद की टूंडला, रामपुर की स्वार, उन्नाव की बांगरमऊ, जौनपुर की मल्हनी, देवरिया की सदर, बुलंदशहर, कानपुर की घाटमपुर और अमरोहा की नौगावां सीट से संभावित उम्मीदवारों और इसकी तैयारियों पर चर्चा कर चुकी हैं। उनकी सहमति के बाद ही मुख्य सेक्टर प्रभारियों से संभावित उम्मीदवारों को मैदान में तैयारियों के लिए जाने को कहा गया है।

पुरानी सीटों पर खास नजर

बसपा की उपचुनाव अपनी पुरानी सीटों पर खास नजर है। खासकर फिरोजाबाद की टूंडला और बुलंदशहर सीट पर उसकी नजर है। हालांकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा को इन सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके पहले के कुछ चुनावों में बसपा के पास टूंडला और बुलंदशहर की सीट रह चुकी है। मल्हनी पर वह क्षत्रीय उम्मीदवार को उतार कर चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है।

बसपा के टूंडला से संजीव कुमार चक, स्वार से शफीक अंसार, बुलंदशहर हाजी यूनुस, नौगांवा सादात फुरकान अली, घाटमपुर कुलदीप शंखवार बांगरमऊ महेश और देवरिया सदर से अभयनाथ त्रिपाठी संभावित दारेदार माने जा रहे हैं।