भोजन-पानी की कमी से 2050 तक एक अरब लोग होंगे बेघर, रिपोर्ट में आया सामने

जनसंख्या बढ़ने से पैदा हुए पानी व भोजन की समस्या से प्रकृति को जिस स्तर का नुकसान पहुंचाया है, उसके कारण 2050 तक दुनिया की एक अरब आबादी बेघर हो जाएगी। इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमी एंड पीस संस्था ने वैश्विक पारिस्थितिक खतरे के आधार पर यह आकलन किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2050 तक दुनिया की जनसंख्या 10 अरब पहुंच जाएगी। 

आबादी बढ़ने के साथ बढ़ी तेल व अन्य संसाधनों की मांग के कारण दुनिया में संघर्ष भी बढ़ जाएंगे। जिसके कारण अफ्रीका के सब सहारा, मध्य एशिया व मध्यपूर्व एशिया के 1.2 अरब अपने घरों से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 

30 करोड़ लोगों को पलायन करना पड़ा
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 में तीस करोड़ लोगों को पारिस्थितिक खतरों व संघर्षों के कारण घर छोड़ जाना पड़ा। 2050 तक यह स्थिति भयावह हो जाएगी, जिसका गंभीर सामाजिक व आर्थिक असर विकासशील व विकसित देशों पर भी पड़ेगा। इसका कारण यह है कि बहुत से लोग विकसित देशों में जाकर शरण मांगेंगे। 

भारत और चीन में जल संकट
रिपोर्ट के अनुसार, पानी की कमी से भारत और चीन सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। आने वाले दशकों में पाकिस्तान, ईरान, मोजाम्बिक, केन्या और मेडागास्कर जैसे अन्य देशों के हालात और भी ज्यादा खराब होंगे क्योंकि पानी संकट जैसी स्थितियों से निपटने के लिए इनके पास क्षमता नहीं है।