भारतीय जवान चीन को सबक सिखाने के लिए तैयार, एलएसी पर तैनात की बोफोर्स तोप

जिस समय भा​​रत और चीन के विदेश मंत्री गुरुवार की रात रूस में बात कर रहे थे, उसी समय पीएलए ने अपने सैनिकों को पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-3 की ओर ले जाने की कोशिश की। यहां ऊंचाई पर बैठे सतर्क भारतीय सेना के जवानों ने इस घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। इस तरह मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक में भले ही 5 मुद्दों पर सहमति बनी हो लेकिन चीन की सेना दूसरी तरफ पेंगांग इलाके में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए घुसपैठ करने से बाज नहीं आ रही है। चीन की हरकतों को देखते हुए भारतीय सेना ने भी अब एलएसी पर बोफोर्स तोप की तैनात कर दी है। एलएसी पर इन दिनों करीब 40 हजार भारतीय जवान तैनात हैं और इसके बाद बोफोर्स तोप की तैना​ती करना भारतीय सेना का बड़ा कदम है। Also Read – बेंगलुरु में सजेगा हथियारों का अंतरराष्ट्रीय बाजार पेंगोंग लेक के उत्तरी और दक्षिणी इलाकों में चीन की बेचैनी बढ़ी है। चीन भले ही अपने जवान, गाड़ियां और हथियार तैनात कर चुका है लेकिन इन इलाकों में ऊंचाइयों पर भारत की पकड़ मजबूत होने से उसके पसीने छूट रहे हैं। मई में चीनियों ने भारत को धोखा देकर फिंगर-4 पर कब्जा किया था और वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। पिछले हफ्ते भारत अपने सैनिकों की तैनाती में बदलाव करके रिजलाइन तक पहुंचा था लेकिन अब फिंगर एरिया में भारतीय सैनिकों की तैनाती इतनी ऊंचाई वाली पहाड़ी पर कर दी गई है जो फिंगर-4 से भी ऊंची है। भारतीय जवान ऊंचाइयों पर रहकर चीनी सेना की हरकत पर हर वक्त नजर रख रहे हैं