बाइक बोट घोटाले के दो डायरेक्टरों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, 42000 करोड़ रुपये की ठगी है आरोप

बाइक बोट घोटाला मामले में अब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने भी अपनी जांच तेज कर दी है। EOW ने एक पॉन्जी स्कीम जरिये लोगों को ठगने वाली कंपनी के दो निदेशकों संजय भाटी और राजेश भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है।   

आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार, आरोप है कि गिरफ्तार गए मैसर्स गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर लिमिटेड के सीएमडी संजय भाटी और डायरेक्टर राजेश भारद्वाज ने देशभर के विभिन्न राज्यों के हजारों लोगों से लगभग 42000 करोड़ रुपये की ठगी की है।

बाइक बोट घोटाले में आरोपी कम्पनी के खिलाफ यूपी के विभिन्न थानों एवं ईडी में भी जांच चल रही ही है। संजय भाटी ने महीनों तक फरार रहने के बाद बीते साल नोएडा की स्थानीय अदालत में समर्पण किया था। 

संजय भाटी की पत्नी और भाई की अर्जी फिर खारिज

बाइक बोट घोटाला मामले में कंपनी के संचालक संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहलऔर उसके भाई सचिन भाटी की जमानत अर्जी जयपुर कोर्ट से भी खारिज हो गई। बाइक बोट घोटाले के मामले में अब देशभर में विभिन्न न्यायालयों में सुनवाई चल रही है और ईडी और ईओडब्ल्यू, की टीमें भी कार्रवाई कर रही है। जयपुर के मानसरोवर थाने में भी बाइक बोट मामले में 24 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें 15 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप लगा है। इन मुकदमों में अनेक लोग आरोपी हैं। जयपुर में चल रहे मामलों में बाइक बोट कंपनी के संचालक भाटी की पत्नी दीप्ति बहल और उसका भाई सचिन भाटी भी आरोपी हैं।

उनके द्वारा जयपुर कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी, जिस पर हुई सुनवाई में न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है, जिनकी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पीड़ितों में खुशी है और उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।