जानें, राजस्थान में 12वीं बोर्ड के एग्जाम में कैसे पकड़ में आया पास और फेल का खेल, पूरा मामला जानकर रह जाएंगे हैरान

राजस्थान बोर्ड की 12वीं कक्षा की विज्ञान की परीक्षा में हेराफेरी का मामला सामने आया है। बोर्ड में एक होनहार अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका में रोल नंबर बदलकर उसे फेल करने और दूसरे अभ्यर्थी को पास करने का मामला सामने आया है। मामला धौलपुर जिले का है। 12वीं विज्ञान का नतीजा आने के बाद अभ्यर्थी दीप्ति के सभी विषयों में 90 से अधिक अंक आए, लेकिन फिजिक्स में महज छह नंबर आने पर उसका माथा ठनका। इस पर दीप्ति ने बोर्ड से अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी ली तो सारा खेल खुलकर सामने आया।

इस पूरे खेल में दीप्ति का रोल नंबर बदल दिया गया था। जिस उत्तर पुस्तिका को दीप्ति का बताकर नंबर दिया गया था, उसमें हैंड राइटिंग भी उसकी नहीं थी। गड़बड़झाला सामने आने के बाद बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से जिला शिक्षा अधिकारी धौलपुर की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी ने 3 दिन में अपनी जांच पूरी कर जो खुलासा किया, उसने सबको चकित कर दिया।

धौलपुर के गोविंद पब्लिक स्कूल के परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी धनराज का रोल नंबर 2709745 था। धनराज ने रोल नंबर को षडयंत्र के तहत उसी परीक्षा केंद्र की होनहार परीक्षार्थी दीप्ति के रोल नंबर 2709743 से बदल लिया। परीक्षा कक्ष में पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त परीक्षक अलका परमार और प्रदीप दीक्षित ने इस खेल में धनराज का साथ दिया। उन्होंने धनराज से मिलीभगत कर रोल नंबर की अदला बदली कर दी। इस मामले में बोर्ड ने इन दोनों परिक्षकों को निलंबित करने और राज्य सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश निदेशालय माध्यमिक शिक्षा से की है।

इसके साथ ही आरोपी परीक्षार्थी धनराज की इस साल की परीक्षा निरस्त कर उसे दो साल के लिए बोर्ड की परीक्षाओं से निष्कासित करने का फैसला लिया गया है। इस मामले में पीड़ित छात्रा दीप्ति को न्याय देने के लिए बोर्ड ने उसके परिणाम को संशोधित कर जारी करने का फैसला लिया है। साथ ही बोर्ड ने अब यह फैसला भी लिया है कि अगली बार से निजी स्कूलों के परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र निजी स्कूल में नहीं रखा जाएगा।