किस्मत हो तो ऐसी: घर की सफाई करते हुए मिली चाय की केतली और करोड़पति बन गया शख्स…

नई दिल्ली : घर की सफाई करते- करते कोई करोड़पति बन गया हो, ऐसा आपने कभी सुना नहीं होगा। आज ऐसा ही एक मामला हम आपको बता रहे हैं। वो कहते हैं न कि देने वाला जब भी देता है छप्पर फाड़ कर देता है। किसकी किस्मत कब पलट जाए इस बारे में कोई कह नहीं सकता। किस्मत पलटने की ये घटना इंग्लैंड के एक मजदूर के साथ घटी। यहां 51 साल के एक शख्स को सफाई के दौरान 15 सेंटीमीटर छोटी सी एक बेशकीमती केतली मिली जिसके बाद उसकी किस्मत ने ऐसा पलटा मारा, जिससे वो खुद हैरान रह गया।

इस शख्स ने ऐसी केतली पहले नहीं देखी थी, इसलिए वो इसे नीलामी घर लेकर गया और वहां इसके बारे में अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश की। उसने बताया कि उसे घर की सफाई में ये केतली मिली। उस केतली को देख विशेषज्ञ भी हैरान रह गए। जांच में उन्होंने पाया कि वो केतली 1735–99 के बीच की थी। उसकी कीमत 93 लाख रुपए आंकी गई। उन्होंने बताया कि ये एक एक दुर्लभ शाही केतली है, जिसका प्रयोग चीन में राजसी घरानों में किया जाता रहा था।

हाल ही में जब शख्स के हाथ ये केतली लगी, तो उसने इसे बेचने का फैसला किया। तब जाकर उसे इसके इतिहास का पता चला, जिसके बाद इसकी नीलामी की गई। नीलामी में इसे 6 करोड़ 64 लाख रुपए में बेचा गया। शख्स को अभी भी अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हो रहा। बेहद आम दिखने वाली इस केतली के इतिहास की असल में शख्स को जानकारी ही नहीं थी। दरअसल, दुनिया में इस तरह की चार ही केतली थी। शख्स के घर पर गैराज में बंद ये केतली चीनी राजा के किचन की शोभा बढ़ाती थी। मात्र 15 सेंटीमीटर की इस केतली को 93 लाख रुपए की नीलामी से शुरू किया गया था, लेकिन 11 ही मिनट में इस केतली की बोली 6 करोड़ को पार कर दिया। 

एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में इस शख्स ने कहा कि शुरू में लोग इस बात पर हंस रहे थे कि मैं इसे नीलामी घर ले जा रहा हूं, पर मुझे यकीन था कि ये कोई कीमती चीज है। हालांकि इसकी कीमत इतनी होगी इसका मुझे भी अंदाजा नहीं था।

इस केतली की नीलामी करने वाले हांसोंस ऑक्शनर्स को भी उम्मीद नहीं थी कि इसकी इतनी कीमत लगाई जाएगी। उन्होंने भी इसके आखिरी बिड पर हैरानी जताई। हांसोंस के मुताबिक, ये केतली 18वीं शताब्दी की है। इसे चीनी राजा किआंलोंग का बताया गया। इसके बाद सेकंड वल्र्ड वॉर के एक सैनिक ने इसे अपने घर इंग्लैंड पहुंचा दिया। वहां किसी को इसकी कीमत का पता नहीं था। चूंकि ये बेहद छोटा था इसलिए उनलोगों ने इसे यूज करने की जगह घर के कबाड़ में बंद कर दिया।