Published On: Sun, Jan 13th, 2019

अश्लील तस्वीरों और पैसों की चाहत में भारतीय जवान बना पाक का जासूस, दुश्मन को दी टैंक की जानकारी

भारत सेना में एक बार फिर से हनीट्रैप का मामला सामने आया है. आर्मी जवान सोमवीर पर महज 5,000 रुपए और सेक्शुअल तस्वीरों के लिए गुप्त जानकारी पाकिस्तानी एजेंट को साझा किया. शनिवार को इस मामले में सोमवीर की गिरफ्तारी हुई. जिसके बाद जांच एजेंसियों ने इसका खुलासा किया. जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी जवान करीब 7 महीने पहले सोशल साइट के जरिए आईएसआई एजेंट के संपर्क में आया. जम्मू की एक छात्रा अनिका चोपड़ा बताकर आईएसआई एजेंट जवान से दोस्ती गांठी. दोनों के बीच मैसेज के जरिए बातचीत होने लगी. धीरे-धीरे दोनों वीडियो कॉल करने लगे और आपस में सेक्शुअल बातें करने लगे. जब सोमवीर पूरी तरह से लड़की के झांसा में आ गया तब वो इससे सेना से जुड़ी जानकारी मांगने लगी.

गुप्त जानकारी की साझा

आरोपी जवान सोमवीर को जाल में फंसाने के लिए पाकिस्तानी एजेंट ने कुछ अंतरंग तस्वीरें उसे भेजी. इसके एवज में जवान ने सेना से संबंधित गुप्त जानकारी समेत टैंक, हथियारों से लैस वीइकल समेत कई जानकारी उसे भेजी थीं.

इतना ही नहीं यह भी सामने आया है कि पाकिस्तानी एजेंट ने जवान को 5,000 रुपये भी दिए थे. जिसे जवान ने अपने अकाउंट में नहीं मंगवाकर भाई के अकाउंट में ट्रांसफर करवाया था. जिसके बाद ई-वॉलेट के जरिए अपने पास ट्रांसफर करा लिया. इतना ही नहीं सोमवीर ने दोबारा रुपए मांगे थे.

शनिवार को सोमवीर को एक लोकल कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने उसे 18 जनवरी तक के लिए पुलिस की हिरासत में सौंप दिया.

लंबे वक्त से जवान पर रखी जा रही थी नजर

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक आर्मी इंटेलिजेंस ने सोमवीर की गतिविधियां संदिग्ध पाई थी. जैसलमेर में तैनात सोमवीर की गतिविधियां काफी लंबे समय से संदिग्ध लग रही थी. जिस वजह से उस पर नजर रखी जा रही थी. जिसके बाद उसे ऑफिशल सीक्रेट्स ऐक्ट 1923 के तहत कई धाराओं में गिरफ्तार किया गया.

कराची में बनाया गया था फर्जी अकाउंट

पाकिस्तानी एजेंट ने जिस प्रोफाइल से भारतीय जवान को अपना शिकार बनाया, उसका अकाउंट कराची में बनाया गया है. आरोपी जवान हरियाणा का रहने वाला है और साल 2016 में इंडियन आर्मी में शामिल हुआ था. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक अब अधिकारी सोमवीर के मोबाइल को जब्त कर उसके कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रहे हैं. ताकि यह पता लगाया जा सके कि अबतक जवान ने कितनी जानकारियां पड़ोसी मुल्क को भेजी है.

इन सबके इतर स्थानीय अखबारों के मुताबिक, राजस्थान में आईएसआई एजेंट द्वारा हनीट्रैप के मामले को लेकर लगभग 50 जवान खुफिया एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं.

पाकिस्तान आखिर क्यों हनीट्रैप के जरिए टैंक की मांग रहा जानकारी

गौरतलब है कि भारत के खिलाफ युद्ध की स्थित में निर्णायक बढ़त हासिल करने के इरादे से पाकिस्तानी सेना लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में लगी हुई है. लेकिन उसमें उसे सफलता नहीं मिल रही है. पिछले कुछ वक्त से पाकिस्तान स्वदेशी टैंक बनाने में जुटी है. लेकिन वो इसमें असफल हो गई है. अल खालिद-2 नामक टैंक बनाने में जुटा पाकिस्तान अब हार मानकर चीन और कुछ यूरोपीय देशों की तरफ मदद की गुहार लगाई है. पाकिस्तान अब अल खालिद-2 टैंक के इंजन को विदेशों से आयात करेगा.

ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि कहीं हनीट्रैप का यह मामला इससे तो जुड़ा हुआ नहीं है. भारतीय टैंक और हथियारों की जानकारी मांगना इस तरफ इशारा तो नहीं कर रहा है कि पाकिस्तान भारत के हथियारों के बारे में पूरी तरह समझ सके और उसका मुकाबला करने के लिए वैसे हथियार बना सके या फिर दूसरे देश से मांग सके.

क्योंकि पाकिस्तान भारत के 36 राफेल के बदले अगले तीन साल में 62 नये JF-17 जेट को पाकिस्तानी वायु सेना में शामिल कर रही है, वहीं पाकिस्तानी सेना कुछ महीनों में 600 नये टैंक को शामिल करने की योजना तैयार कर ली है. पाकिस्तान की नजर रूस से बड़े पैमाने पर टी-90 टैंकों को खरीदने पर है.

भारत देगा मुंहतोड़ जवाब

लेकिन भारत पाकिस्तान से कई कदम आगे हैं. भारतीय सेना में स्वदेशी अर्जुन टैंक शामिल है और डीआरडीओ यानी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आरगेनाइजेशन अर्जुन टैंक की डिजाइनिंग और उसके मारक क्षमता में लगातार इजाफा करने में लगा हुआ है.

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