Published On: Wed, Jan 10th, 2018

1984 सिख विरोधी दंगों की फाइलें फिर से खोलेगा सुप्रीम कोर्ट

 सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जज ए एम खानविलकर और जज धनंजय वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली इस प्रस्तावित समिति में पुलिस का एक रिटायर्ड और एक कार्यरत अधिकारी शामिल किया जाएगा.

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि रिटायर्ड पुलिस अधिकारी रिटायरमेंट के समय पुलिस उपमहानिरीक्षक से नीचे के पद पर नहीं होना चाहिए.

1984 anti-Sikh riots case: Supreme Court directs re-investigation of 186 cases, closed earlier by the SIT.

1984 anti-Sikh riots case: Supreme Court says it will set up a three-member
committee, headed by a retired High Court judge, for re-investigation of the 186 cases.

आपको बता दें कि कुल 241 मामलों की फाइलें बंद कर दी गई थीं.

1984 सिख विरोधी दंगों में सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2017 में भी कमिटी बनाई थी. रिटायर्ड जज जे एम पांचा और के एस राधाकृष्णन की सदस्यता वाली इस कमिटी को 199 मामलों की जांच करनी थी.

इन मामलों में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने क्‍लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी थी.

इससे पहले अगस्‍त में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी की ओर से बंद किए गए 241 मामलों में सही तरह से जांच हुई या नहीं, इसका पता लगाने के लिए दो पूर्व जजों की कमिटी बनाई जाएगी.

कोर्ट को मार्च में बताया गया था कि 199 मामले जांच में कुछ नहीं मिलने के चलते बंद कर दिए गए थे. इसी तरह के 59 मामलों में जांच चल रही थी.

1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के सिख दंगों में दिल्ली में 2,733 लोग मारे गए थे.

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