Published On: Wed, Apr 4th, 2018

बिहार के नेता बोले- अलग ‘हरिजिस्तान’ बनाओ

एक तरफ देश में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम का दुरुपयोग रोकने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर विवाद जारी है। दूसरी तरफ दलित नेताओं की विवादित बयानबाजी का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बिहार सरकार में मंत्री रहे रमई राम ने हरिजिस्तान बनाने की मांग की है। राम ने आरोप लगाया कि देश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति को मिले संवैधानिक अधिकारों को छीना जा रहा है। उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है, इसलिए हमें ‘हरिजिस्तान’ चाहिए।’

‘बंद में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा मिले’
उन्होंने दो दिन पहले ‘भारत बंद’ के दौरान मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दिए जाने की भी मांग की है। राम जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता रहे हैं, जो पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के पार्टी से बाहर जाने के बाद उनके साथ चले गए। उन्होंने दावा किया कि देश की आजादी के वक्त बाबा साहब अंबेडकर ने पाकिस्तान के बाद हरिजिस्तान की मांग की थी। उन्होंने कहा कि हरिजिस्तान की मांग की जगह संविधान में विशेष सुविधा का प्रावधान किया गया था।

‘सुप्रीम कोर्ट की आड़ में छीनी जा रही शक्तियां’
उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की आड़ में एससी-एसटी को संविधान में मिली शक्तियों को छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ भारत बंद को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, ‘बंद के दौरान मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए और उनके परिजनों को आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सम्मान देना चाहिए।’

यूपी-बिहार में राजनीति में जाति हमेशा से हावी

गौरतलब है कि बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति का मुद्दा हमेशा से हावी रहा है। ऐसे में रमई राम ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेने के साथ-साथ अपनी जातीय राजनीति को भी मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है। इससे पूर्व में भी वे कई बार विवादित बयान देते रहे हैं।

गौरतलब है कि बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति का मुद्दा हमेशा से हावी रहा है। ऐसे में रमई राम ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेने के साथ-साथ अपनी जातीय राजनीति को भी मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है। इससे पूर्व में भी वे कई बार विवादित बयान देते रहे हैं।

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