Published On: Tue, Oct 24th, 2017

सनकी किंग को लेकर खतरनाक नया खुलासा-कभी भी मिटा सकता है दुनिया

वॉशिंगटनः अमरीकी थिंक टैंक बेल्फर सेंटर द्वारा की गई स्टडी में उत्तर कोरिया के सनकी किंग किम जोंग उन को लेकर नया और खतरनाक खुलासा किया गया है।  अमरीकी थिंकटैंक की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम के साथ-साथ जैविक हथियार (biological weapons) भी विकसित कर रहा है। एक नई रिपोर्ट में इस बात को लेकर आगाह करते कहा गया है कि संभव है कि प्योंगयांग अपना जैविक हथियार बना रहा हो। नॉर्थ कोरिया के परमाणु हथियारों को लेकर पूरी दुनिया हैरान-परेशान है। इस रिपोर्ट से खतरा और भी बढ़ सकता है।नॉर्थ कोरिया की हथियारों से जुड़ी टीम में काम कर चुके लोगों के बयानों के आधार पर कहा गया है कि यह काम 1960 के दशक में ही शुरू हो गया था। कोरिया युद्ध के बाद 1950 और 1953 के बीच हजारों लोगों की मौत हैजा, टाइफस, टाइफाइड और चेचक के प्रकोप से हो गई थी। उस समय नॉर्थ कोरिया की सरकार ने इसके लिए अमरीका को जिम्मेदार ठहराया था। मलेशिया में फरवरी में घातक नर्व एजैंट VX से किम जोंग-उन के भाई किम जोंग-नाम की हत्या के बाद इसको लेकर आशंका बढ़ी थी।

माना यह जा रहा है कि यह घातक नर्व एजैंट प्योंगयांग के ही बायो-टेक्निकल इंस्टिट्यूट से आया था। यहां का रिसर्च सैंटर भी नॉर्थ कोरिया की सेना ही चलाती है। वहां अक्सर तानाशाह किम भी आता रहा है। 2015 में किम के रिसर्च सेंटर का दौरा करने की तस्वीर भी सामने आई थी। आशंका जताई जा रही है कि नॉर्थ कोरिया कई अलग-अलग बीमारियां पैदा करने की दिशा में काम कर रहा है। वह जैविक हथियार भी बनाने में जुटा है, जिसे अमरीका प्लेग, ऐंथ्रेक्स, स्मॉलपॉक्स और रक्तस्रावी बुखार की तरह घातक मान रहा है।

दक्षिण कोरिया की खुफिया एजैंसियों का कहना है कि नॉर्थ कोरिया में कम से कम 3 बायलॉजिकल वेपंज प्रॉडक्शन यूनिट हैं और कई रिसर्च सेंटर भी उससे जुड़े हैं। इस रिपोर्ट के लेखक का कहना है कि दुनिया के ज्यादातर देशों का फोकस नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर है, ऐसे में उसके बायलॉजिकल प्रोग्राम पर भी ध्यान केन्द्रित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘बायलॉजिकल वेपन के खिलाफ तैयारी जरूरी है, जो प्राकृतिक तौर पर फैलने वाली महामारी से भी रक्षा करेगी। 21वीं सदी में महामारी तेजी से फैल रही है।’

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