Published On: Sat, Oct 21st, 2017

दो साल बाद मिली लापता पाकिस्तानी जर्नलिस्ट, पेशावर में बंद भारतीय की कर रही थी मदद

लाहौर. दो साल पहले लापता हुई पाकिस्तानी जर्नलिस्ट जीनत शहजादी को सिक्युरिटी फोर्सेज ने ढूंढ निकाला है। वो सुरक्षित लाहौर में अपनी फैमिली के पास पहुंच गई हैं। पेशावर में बंद एक भारतीय इंजीनियर के केस पर काम करने के दौरान वो अचानक गायब हो गईं थीं। फ्रीलांस रिपोर्टर के तौर पर काम करने वाली जीनत को ऑटोरिक्शा से काम पर जाते वक्त किडनैप किया गया था।
पाकिस्तान-अफगान बॉर्डर से की गई रेस्क्यू…
– पाकिस्तान के मिसिंग पर्सन्स कमीशन के प्रमुख जस्टिस (रिटायर्ड) जावेद इकबाल ने बताया कि जीनत को गुरुवार देर रात को पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर से रेस्क्यू किया गया।
– इकबाल ने बताया कि जीनत को राज्य विरोधी एजेंसियों ने अगवा कर लिया था। उन्हीं के कब्जे से उसे आजाद कराया गया है।
– उन्होंने कहा, ‘बलूचिस्तान और खैबर पखतूनख्वा प्रॉविन्स के आदिवासी बुजुर्गों ने जीनत की रिकवरी में काफी मदद की।
– ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट बीना सरवर ने कहा कि जीनत शहजादी लाहौर में सुरक्षित अपनी फैमिली के पास पहुंच गई हैं। घर में उन्हें सेफ देख सभी खुश हैं।
– 26 साल की जीनत फ्रीलांस रिपोर्टर के तौर पर पाकिस्तान के दो मीडिया ग्रुप डेली नई खबर और मेट्रो न्यूज टीवी चैनल के लिए काम करती थीं।
– लाहौर में 19 अगस्त 2015 को उन्हें अपने काम के सिलसिले में ही ऑटोरिक्शा से जाते वक्त किडनैप कर लिया गया था।
– न्यूज एजेंसी पीटीआई के रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नागरिक हामिद अंसारी के केस पर काम करने के चलते जीनत को जबरन गायब किया गया था।
शक के घेरे में सिक्युरिटी फोर्सेज
– जीनत की फैमिली और ह्यूमन राइट ऑर्गेनाइजेशन ने आरोप लगाया था कि उसकी किडनैपिंग के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का हाथ है।
– दरअसल, जीनत लापता लोगों के लिए काम करती थीं। सोशल मीडिया के जरिए वो लापता भारतीय हामिद अंसारी की मां फौजिया अंसारी के कॉन्टैक्ट में आ गई थीं।
– इस मामले में जीनत ने फौजिया की ओर से पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की मानवाधिकार सेल में रिक्वेस्ट देकर हामिद की तलाश के लिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की थी।
– नतीजा ये हुआ कि पाकिस्तान की सिक्युरिटी फोर्सेज को कमीशन के सामने ये कबूल करना पड़ा कि भारतीय शख्स हामिद उनकी कस्टडी में है।
– जीनत की फैमिली के लोगों ने ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट को बताया था कि लापता होने से पहले भी सिक्युरिटी फोर्सेज ने उसे जबरन चार घंटे के लिए कस्टडी में लिया था और उससे हामिद के बारे में पूछताछ की थी।
बॉर्डर से अरेस्ट हुआ था हामिद
– मुंबई के रहने वाले हामिद को 2012 में अफगानिस्तान के रास्ते में पाकिस्तान में गैरकानूनी तौर पर दाखिल होने को लेकर अरेस्ट किया गया था। वो फेसबुक फ्रेंड से मिलने पहुंचा था।
– इसके बाद 2015 में एक मिलिट्री कोर्ट ने हामिद को जासूसी के आरोप में 3 साल के लिए जेल भेज दिया। वो अब भी जेल में है। उसी साल जीनत शहजादी भी लापता हो गई थीं।
केस छोड़ने की मिली थी धमकी
जीनत के भाई लतीफ ने बताया था कि जीनत को हामिद का केस छोड़ने के लिए अनजान लोगों की ओर से लगातार धमकियां भी मिल रही थीं। हालांकि, वो अपनी जान खतरे में डालकर मानवता के नाम पर हामिद की मदद करना चाहती थी। लतीफ ने बताया कि इस दौरान एक बाद हामिद की मां का फोन आया तो वो सारी बातें बताकर रोने लगी और उनसे हर हाल में मदद का वादा किया।

जीनत के भाई ने कर लिया था सुसाइड
जीनत की किडनैपिंग से दुखी होकर उसके भाई सद्दाम हुसैन ने पिछले साल मार्च में सुसाइड कर लिया था। जीनत के दूसरे भाई लतीफ ने बताया था कि छोटा भाई जीनत से बहुत अटैच था। उसके लापता होने के बाद उसकी बहन से मिलने की उम्मीद टूट गई थी और इसीलिए उसने सुसाइड कर लिया।

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