Published On: Mon, May 14th, 2018

कई मायनों में खास रही तेजप्रताप की शादी, एक मंच पर दिखी बिहार की सियासत

राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजप्रताप यादव एवं पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की पुत्री ऐश्वर्या राय की शादी कई मायनों में खास रही। शादी के पहले से ही सियासत हावी रही। पहले शादी में लालू प्रसाद यादव के शामिल होने को लेकर मिले पेरोल की शर्तों को लेकर राजनीति गरमाई, फिर शादी में विपक्षी जुटान के कयास के साथ सियासत गरमाई रही।
धूमधाम से संपन्‍न इस शादी के दौरान पक्ष-विपक्ष के तमाम बड़े नेता एकम साथ दिखे। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार भी तेजप्रताप यादव को आशीर्वाद देने पहुंचे। समारोह के दौरान भोजन के लिए हंगामा ने जायका जरूर खराब किया, लेकिन उसे छोड़ दें तो सबकुछ फील गुड रहा। इसके बाद रविवार सुबह बहू ऐश्‍वर्या राय डोली में विदा होकर ससुराल पहुंचीं।
तेजप्रताप की सगाई मेें खली लालू की कमी 
तेजप्रताप यादव तथा ऐश्‍वर्या राय की सगाई 18 अप्रैल को पटना के एक होटल में हुई थी। समारोह में लालू यादव की कमी खली। यह पहला मौका थ जब लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में परिवार में कोई मांगलिक आयोजन हो रहा था। उस समय चारा घोटाला के मामले में सजा काट रहे लालू प्रसाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज करा रहे थे।

शादी में शामिल होने के लिए पेरोल की अर्जी 
चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव बेटे की सगाई के वक्‍त दिल्‍ली एम्‍स में इलाजरत थे। बाद में उन्‍हें पुन: वापस रिम्‍स ले जाया गया। इस बीच उनके बेटे की शादी में शामिल होने पर संशय बना हुआ रहा। लालू यादव ने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए पेरोल की अर्जी दी।

पेरोल की शर्तों पर गरमाई सियासत
बेटे तेजप्रताप यादव की शादी में पटना जाने के लिए सरकार ने लालू प्रसाद यादव को तीन दिनों का पेरोल दिया। यात्रा के लिए उन्हें एक दिन का अतिरिक्त लाभ मिला। उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हाेने तथा मीडिया से बातचीत करने पर रोक लगा दी गई। हालांकि, पेरोल की कड़ी शर्तों पर सियासत गरमा गई। राजद नेताओं ने इसकी आलोचना की तो जदयू व भाजपा ने पलटवार किया।

शादी से एक दिन पहले मिली जमानत 
बेटे तेजप्रताप की शादी से ठीक एक दिन पहले रांची हाइकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इलाज के लिए छह सप्ताह का प्रोविजनल बेल दे दिया। लालू यादव की बेल पर राजद नेता रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि घर में नई बहू के आगमन से पहले शुभ संकेत दिख रहे हैं। तेजप्रताप की शादी के साथ ही सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। ऐश्वर्या के शुभ कदमों से परिवार पर आए विपत्ति के बादल छंट जाएंगे। हमें उम्मीद है कि अंतरिम जमानत के बाद अब उन्हें नियमित जमानत भी मिल जाएगी।
आए नीतीश, देर तक हाथ थामे रहे लालू
12 मई को तेजप्रताप की शादी में फोकस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रहे। वे आए तो लालू प्रसाद ने उठकर उनका स्वागत किया और देर तक उनसे हाथ मिलाए रहे। सियासी कटुता को शादी की खुशी से भरे माहौल ने पहले ही दूर भगा दिया था। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान आए तो तेजस्वी ने उनसे अपनी जगह बैठने का आग्रह किया और खुद पीछे खड़े हो गए।

मंच पर लालू-राबड़ी के बीच में नीतीश को बिठाया गया। रामविलास पासवान भी करीब में बैठे। इस दौरान नीतीश ने लालू की सेहत के बारे में भी पूछा। राबड़ी और तेजस्वी ने उन्हें विस्तार से बताया। वर-वधु ने पैर छूकर नीतीश से आशीर्वाद लिया। लालू की सभी बेटियों की शादी में मौजूद रहने वाले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी विदेश दौरे पर होने के कारण इसमें शामिल नहीं हो सके। हालांकि, उन्‍होंने उन्‍हें अपना आशीर्वाद दिया।

शादी में हुआ सियासी जमावड़ा
वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए देशभर के कई दिग्गज नेता पहुंचे। राजद के सभी प्रदेशों के प्रतिनिधि भी पहुंचे थे। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पत्नी डिंपल यादव के साथ दोपहर में ही लालू परिवार से मिलकर और तेजप्रताप को आशीर्वाद देकर लौट गए थे।
एक मंच पर दिखी बिहार की सियासत
बिहार के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति भी शादी में दिखी। जीतन राम मांझी दिखे। उपेंद्र कुशवाहा दिखे। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, रालोद के अजित सिंह, शरद यादव, प्रफुल्ल पटेल, भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, झारखंड सरकार में भाजपा के मंत्री सरयू राय, कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय, दिग्विजय सिंह, झामुमो के हेमंत सोरेन ने भी समारोह में शिरकत की और वर-वधु को आशीर्वाद दिया।

डोली में विदा हुईं ऐश्‍वर्या 
शनिवार की रात शादी धूमधाम से संपन्‍न हो गई। इसके बाद विदाई के वक्त माहौल भावुक हो गया। माता-पिता से लिपटकर रोती ऐश्‍वर्या को देखकर मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। माता-पिता ने उन्‍हें डोली में बैठा कर पति के घर विदा किया।

शादी के बाद समधियाना पहुंचे लालू, लिया मछली चावल का आनंद 
शाादी संपन्‍न होने के बाद अगले दिन चंद्रिका राय के आवास पर मछली-चावल भोज का आयोजन किया गया। इस माैके पर लालू समधियाना पहुंचे और मछली चावल का लुफ्त उठाया।

मछली को शुभ माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य के संपन्‍न होने पर लोग मछली-चावल का भोज करते हैं। चंद्रिका यादव ने भी बेटी की शादी संपन्‍न होने के बाद अपने आवास पर मछली-चावल भोज का आयोजन किया। इस मौके पर उन्‍होंने अपने समधी लालू यादव को भी आमंत्रित किया।

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