Published On: Sat, Apr 7th, 2018

रक्षा और कारोबार में नेपाल की मदद करेगा भारत, काठमांडू तक रेल लाइन पर भी रजामंदी: मोदी

नई दिल्ली.नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद केपी शर्मा ओली अपने पहले दौरे पर भारत आए हैं। उन्होंने शनिवार को नरेंद्र मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के बीच रक्षा, व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। पीएम मोदी ने कहा कि हम नेपाल का सपोर्ट करते आए हैं और आगे भी इसे जारी रखेंगे। भारत और काठमांडू के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी समहति जताई गई।

भारत-काठमांडू के बीच रेल लाईन जल्द

– प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग से नेपाल के लोकतंत्र को बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत और नेपाल को जोड़ने के लिए दोनों देशों के बीच काठमांडू तक रेल लाईन बनाने पर सहमति बन गई है।

– पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत रक्षा और सुरक्षा संबंध हैं। हम साथ में अपनी खुली सीमाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाएंगे।

रिश्तों को नई ऊंचाई देने आया हूं: ओली

– नेपाली पीएम ने कहा, “हम दोनों पड़ोसी देशों के बीच भरोसेमंद रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसीलिए भारत आया हूं ताकि द्विपक्षीय रिश्तों को 21वीं सदी की हकीकतों के हिसाब से नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सके।”

वन बेल्ट वन रोड पर नेपाल का रवैया तटस्थ

– ओली से चीन की वन बेल्ट वन रोड परियोजन को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर उन्होंने कहा, “नेपाल चीन और भारत के बीच में हैं। दोनों ही देशों से हमारे अच्छे रिश्ते हैं। दोनों ही देश हमसे ज्यादा विकसित हैं। क्षेत्र और जनसंख्या के मामले भी काफी बड़े हैं। इसलिए हम दोनों के साथ चलने का मौका चाहते हैं। जहां तक वन बेल्ट वन रोड की बात है तो इस योजना को लेकर हमारा रवैया तटस्थ है।”

2014 से बंद है बिहार-नेपाल रेल लिंक
– भारत और नेपाल के बीच ओपन बॉर्डर पॉलिसी है, यानी दोनों देशों की सीमाओं पर पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती। भारत से नेपाल जाने के लिए कई बस सेवाएं पहले से मौजूद हैं। हालांकि, नेपाल के जनकपुर से बिहार के जयनगर को जोड़ने वाली रेल लाईन 2014 के बाद से ही बंद पड़ी है। इसे 2018 तक एक बार फिर शुरू करने की कोशिशें की जा रही हैं।

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