Published On: Tue, Oct 24th, 2017

5 साल में 14 लाख करोड़ इन्वेस्ट करेगी सरकार, बैंकों को 2.11 लाख करोड़ की मदद

फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की इकोनॉमी की हालत बताई। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इन्फ्रास्ट्रक्चर (रोड, रेलवे, कंस्ट्रक्शन) और बैंकिंग सेक्टर के लिए इन्वेस्टमेंट प्लान बताए। जेटली ने कहा, “पिछले तीन साल में देश की बुनियादी अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत रही है और सरकार चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है।” वित्त मंत्रालय ने आंकड़े भी पेश किए, जिनके मुताबिक- बैंकों का NPA 4.55 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। मिनिस्ट्री ने कहा- सरकार बैंकों की मदद के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपए की मदद करेगी।

किस तरह सरकार ने पेश की देश की इकोनॉमी की तस्वीर, Q&A

सरकार ने क्यों अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई?
इसकी वजह साफ नहीं है, लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का कभी भी एलान हो सकता है। इकोनॉमी पर राहुल गांधीसमेत विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। 8 नवंबर को नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर विपक्ष काला दिवस भी मनाने जा रहा है। माना जा रहा है कि इन्हीं वजहों से सरकार ने ये प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
सरकार ने कितने लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट?
– सरकार ने कुल 14 लाख करोड़ रुपए इन्वेस्टमेंट की जानकारी दी। ये अगले तीन से पांच साल के लिए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट होगा। इनमें से 6.92 लाख करोड़ सड़कों के लिए इन्वेस्ट होंगे। 2.11 लाख करोड़ रुपए की मदद पब्लिक सेक्टर बैंकों को दी जाएगी। 1.85 लाख करोड़ रुपए शहरी आवास, 1.26 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण आवास पर खर्च होंगे।
बैंकिंग सेक्टर के लिए सरकार को क्यों मदद करनी पड़ी?
– मार्च 2015 में बैंकों का NPA 2.78 लाख करोड़ रुपए था। यह जून 2017 में बढ़कर 7.33 लाख करोड़ रुपए हो गया। NPA दो साल में 4.55 लाख करोड़ रुपए बढ़ा। बैंकों की मदद के लिए सरकार ने साढ़े तीन साल में 58848 करोड़ रुपए का कैपिटल इन्फ्यूजन किया। लेकिन और मदद की दरकार थी, इसलिए बैंकों को मौजूदा हालात से उबारने, उन्हें मजबूत करने और NPAs से निपटने के मकसद से सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों को 2 लाख 11 हजार करोड़ रुपए की अभूतपूर्व मदद देने का फैसला किया है।
– इसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपए रीकैप बॉन्ड्स के रूप में दिए जाएंगे। वहीं, 76 हजार करोड़ रुपए की मदद बजटरी सपोर्ट और मार्केट रेजिंग के रूप में मिलेगी। उम्मीद है कि इससे नौकरियों के मौके बढ़ेंगे। ग्रोथ बढ़ेगी और इन्वेस्टमेंट्स बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सड़कों के लिए कितना खर्च होगा?
– कुल 6.92 लाख करोड़। बड़ा हिस्सा भारतमाला पर खर्च होगा। 7 फेज में 5.35 लाख करोड़ की लागत से 34800 किमी रोड बनाई जाएगी। 14 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के मौके भी उपलब्ध होंगे। नॉर्थ ईस्ट में बिजनेस बूस्ट के लिए रोड बनेंगी। बॉर्डर और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को भी इम्प्रूव किया जाएगा।
राहुल गांधी के बारे में क्या बोले जेटली?
– राहुल ने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था। इस पर सवाल पूछा गया तो जेटली बोले- जिन लोगों को 2जी और कोलगेट की आदत पड़ी हुई थी। उन्हें यह सब कानूनी और सही नहीं लगेगा।
इकोनॉमी की हालत पर क्या कहता है सरकार का रिव्यू?
– इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी सुभाष गर्ग ने कहा, “जीडीपी ग्रोथ मीडिया के लिए चर्चा का विषय रहा है। रियल जीडीपी ग्रोथ 7.5 फीसदी रही। 2015-16 में 8.2 फीसदी थी। यह बेहतर नहीं होगी, ऐसा सोचने की कोई वजह नहीं है। क्योंकि इन्वेस्टमेंट और फॉरेन रिजर्व की कमी नहीं है।”
– जेटली ने कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में अर्थव्यवस्था पर सरकार के अंदर काफी रिव्यू हुए। पीएम के साथ डीटेल मीटिंग हुई।” फाइनेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक- पिछले तीन साल में औसत महंगाई दर 5% से नीचे रही और जुलाई-2016 से जुलाई-2017 तक एवरेज इन्फ्लेशन 2% के आसपास थी।
जीएसटी पर सरकार ने पहली बार कौन-से आंकड़े पेश किए?
– जेटली ने कहा, “72 लाख लोग पुराने सिस्टम से GST में आए, 28 लाख लोग नए जुड़े हैं। कुल रजिस्ट्रेशन एक करोड़ से ज्यादा हो गया है। पहले तीन महीनों में रजिस्ट्रेशन 30-35% बढ़ता है तो ये पॉजिटिव संकेत हैं। अभी ट्रांजैक्शन फेज है। कुछ और वक्त लगेगा, लेकिन 93-94 हजार करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन तीन महीनों में मेंटेन है। पहले महीने 56 लाख ने रिटर्न भरा। हर महीने ये संख्या बढ़ती जाएगी।”
1) इकोनॉमी का रिव्यू हुआ
जेटली ने कहा, “पिछले महीने मैं जब आपसे मिला था, खासतौर पर तब जब पिछले क्वॉर्टर के नतीजे आए थे। इनके लिए हम जिम्मेदार और तैयार हैं। पिछले कुछ हफ्तों में अर्थव्यवस्था पर सरकार के अंदर काफी रिव्यू हुए। पीएम के साथ डीटेल मीटिंग हुई।”
– आंकड़ों के मुताबिक- पिछले तीन साल में औसत महंगाई दर 5% से नीचे रही और जुलाई-2016 से जुलाई-2017 तक एवरेज इन्फ्लेशन 2% के आसपास थी।
2) फैसलों का असर भविष्य में दिखता है
– तीन साल से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी रहा है। हम चाहते हैं ये जारी रहे। स्वाभाविक है कि जब कुछ नया होता है तो उसके नतीजे दिखते हैं। फ्यूचर में फैसलों के लाभ होते हैं। देश का इकोनॉमी का ढांचा मजबूत है। कहां-कहां इसे बूस्ट करने की जरूरत है और देश की जो आर्थिक क्षमता है, वो भी हमने तय किया है। इसकी प्रेजेंटेशन दी जाएगी।”
3) जीडीपी ग्रोथ बढ़ेगी
– इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी सुभाष गर्ग ने कहा, “जीडीपी ग्रोथ मीडिया के लिए चर्चा का विषय रहा है। रियल जीडीपी ग्रोथ 7.5 फीसदी रही। 2015-16 में 8.2 फीसदी थी। यह बेहतर नहीं होगी, ऐसा सोचने की कोई वजह नहीं है। क्योंकि इन्वेस्टमेंट और फॉरेन रिजर्व की कमी नहीं है।”
4) पॉलिसी और प्रोग्राम्स आम आदमी के लिए
– फाइनेंस सेक्रेटरी अशोक लवासा ने कहा, “सरकार ने अपनी पॉलिसीज और प्रोग्राम्स में ऐसी सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश की है जिससे आम आदमी को लाभ मिले। पिछली तीन या चार सालों में सरकार की पब्लिक इन्वेस्टिंग 11.47 लाख करोड़ है। पिछले साल के मुकाबले ये 1.2 लाख करोड़ ज्यादा है। 2017-18 के लिए यह 31.28 लाख करोड़ है। ये पिछले साल से 3 लाख करोड़ ज्यादा है। पेयजल, हेल्थ और सिंचाई पर काफी खर्च किया है।”
5) हमारा फोकस 5 सेक्टर्स पर
– “हमने पांच सेक्टर्स पर फोकस किया है। रोड बिल्डिंग सबसे अहम है। आने वाले सालों में 34 हजार 800 किलोमीटर लंबे रोड बनाए जाएंगे। टारगेट पांच साल का है। इससे 14 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के मौके बनेंगे। 5 लाख 35 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें फीडर रोड भी होंगी, जो करीब 6 हजार किमी की होगी। इसके अलावा 5 हजार किमी के कुछ और रोड बनाए जाएंगे। बॉर्डर रोड और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी सामने आएगी। कोस्टल कनेक्टिविटी पर भी फोकस है। इसमें भूटान और नेपाल जैसे दूसरे देशों से कारोबार बढ़ाना शामिल है।”
6) नॉर्थ ईस्ट बिजनेस बूस्ट के लिए स्टेप लिए
– फाइनेंस सेक्रेटरी ने कहा, “नॉर्थ ईस्ट से नेपाल, बांग्लादेश और भूटान तक कारोबार करने के लिए नए स्टेप लिए जा रहे हैं। यहां ज्यादातर कारोबार रोड के जरिए होता है। यहां 3,300 किलोमीटर रोड बनाए जाएंगे। पहले फेस में एक हजार किलोमीटर रोड बनाए जाएंगे। 2100 किमी. कोस्टल कनेक्टिविटी को टूरिज्म के लिहाज से डेवलप किया जाएगा।”
7) NPA 4,55 हजार करोड़ रुपए बढ़ा
– फाइनेंस मिनिस्ट्री ने जो आंकड़े पेश किए, उनके मुताबिक- मार्च 2015 में NPA 2,78, 000 करोड़ रुपए था। जून 2015 में ये 7,33,000 करोड़ रुपए हो गया। NPA में 4,55,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। बैंकों की मदद के लिए सरकार ने साढ़े तीन साल में 58848 करोड़ रुपए का कैपिटल इन्फ्यूजन किया।
8) बैंकों को बड़ी मदद
– “बैंकों को मौजूदा हालात से उबारने, उन्हें मजबूत करने और NPAs से निपटने के मकसद से सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों को 2 लाख 11 हजार करोड़ रुपए की अभूतपूर्व मदद देने का फैसला किया है। इसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपए रीकैप बॉन्ड्स के रूप में दिए जाएंगे। वहीं, 76 हजार करोड़ रुपए की मदद बजटरी सपोर्ट और मार्केट रेजिंग के रूप में मिलेगी। उम्मीद है कि इससे नौकरियों के मौके बढ़ेंगे। ग्रोथ बढ़ेगी और इन्वेस्टमेंट्स बढ़ाने में मदद मिलेगी।”
9) राहुल के गब्बर सिंह टैक्स पर दिया जवाब
– राहुल ने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था। इस पर सवाल पूछा गया तो जेटली बोले- जिन लोगों को 2जी और कोलगेट की आदत पड़ी हुई थी। उन्हें यह सब कानूनी और सही नहीं लगेगा।
10) GST से पॉजिटिव संकेत मिले
72 लाख लोग पुराने सिस्टम से GST में आए। 28 लाख लोग नए जुड़े हैं। कुल रजिस्ट्रेशन एक करोड़ से ज्यादा हो गया है। पहले तीन महीनों में रजिस्ट्रेशन 30-35% बढ़ता है तो ये पॉजिटिव संकेत हैं। अभी ट्रांजैक्शन फेज है। कुछ और वक्त लगेगा, लेकिन 93-94 हजार करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन तीन महीनों में मेंटेन है। पहले महीने 56 लाख ने रिटर्न भरा। हर महीने ये संख्या बढ़ती जाएगी।

भारत माला प्रोजेक्ट पर एक नजर

भारत माला प्रोजेक्ट (कैटेगिरी) कितने किलोमीटर सड़कें बनेंगी
इकोनॉमिक कॉरिडोर 9000
इंटर कॉरिडोर/फीडर रूट 6000
नेशनल कॉरिडोर एफिशिएंसी इम्प्रूवमेंट 5000
बॉर्डर रोड/इंटरनेशनल कनेक्टिविटी 2000
कोस्टल रोड/पोर्ट कनेक्टिविटी 2000
ग्रीन फील्ड एक्स्प्रेसवे 800
बैलेंस NHDP वर्क्स 10,000

 

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