Published On: Mon, Oct 23rd, 2017

केंद्र का दबाव नहीं था: EC ने हिमाचल में पहले चुनाव कराने की बताई 3 वजह

चीफ इलेक्शन कमिश्नर अचल कुमार जोति ने सोमवार को विपक्ष के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। जोति ने ये भी कहा कि मौसम समेत कई कारण थे, इसी की वजह से हिमाचल प्रदेश में गुजरात से पहले चुनाव कराने का फैसला लेना पड़ा। बता दें कि हिमाचल में 9 नवंबर को सिंगल फेज में वोटिंग होगी। 18 को नतीजे आएंगे। गुजरात चुनाव की तारीख अभी तक एलान नहीं होने से कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। सभी राजनीतिक दल और हिमाचल प्रशासन हमारे पास आए थे…

3 जिलों में बर्फबारी हो जाती है

– न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में जोति ने कहा, “सभी राजनीतिक दल और हिमाचल प्रदेश के एडमिनिस्ट्रेशन ने चुनाव आयोग से रिक्वेस्ट की थी कि वहां मिड नवंबर से पहले चुनाव कराए जाएं। इसकी वजह वहां (हिमाचल प्रदेश) के 3 जिलों किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा में बर्फबारी का होना बताया गया।”
– “हम नहीं चाहते थे कि लोगों पर मौसम का असर पड़े और वे वोट न डाल पाएं।”
– जोति ने कहा, “चुनाव आयोग गुजरात चुनाव का शेड्यूल इस तरह सेट करेगा कि हिमाचल प्रदेश के नतीजों का उसपर असर न पड़े।”

चुनाव पैटर्न का असर नहीं पड़ना चाहिए

– जोति के मुताबिक, “एक और मुख्य वजह है जिसके चलते दोनों राज्यों में साथ में चुनाव नहीं करवाए गए। अगर दो या उससे ज्यादा राज्यों में चुनाव होते हैं तो उन्हें एडज्वाइनिंग स्टेट्स कहा जाता है। चुनाव आयोग हमेशा इस बात का ध्यान रखता है कि एक राज्य में चुनाव पैटर्न का दूसरे राज्य पर असर नहीं पड़ना चाहिए।”
– “यही वजह है कि हिमाचल प्रदेश में काउंटिंग 18 दिसंबर को रखी गई है। हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि गुजरात का इलेक्शन शेड्यूल हिमाचल प्रदेश के नतीजों से पहले तय कर लिया जाएगा ताकि नतीजों का गुजरात की वोटिंग पर असर न पड़े।”
– जोति ने 2001 के मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस के मेमोरेंडम का हवाला देते हुए कहा, “चुनाव आयोग किसी भी इलेक्शन की तारीख उस डेट से 3 हफ्ते पहले तक घोषित नहीं कर सकता, जिस दिन अन्य चुनाव का नोटिफिकेशन दिया जा चुका हो।”
– “चुनाव की तारीख की घोषणा होने पर उस राज्य में आचार संहिता लागू हो जाती है। और वो तब तक लागू रहती है, जब तक चुनाव नहीं हो जाते। अगर चुनाव होने वाले राज्यों की सीमाएं मिलती हैं तो ये अलग मसला है। लेकिन गुजरात की बात करें तो स्थिति अलग है।”

गुजरात में बाढ़ से सैकड़ों जानें गईं

– जोति ने कहा कि गुजरात में बाढ़ के चलते सैकड़ों जानें गई। इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान हुआ।
– हमने राज्य सरकार से कहा कि चुनाव की घोषणा से पहले हालात बेहतर हो जाने चाहिए।
– “जो सरकारी अमला हालात सुधारने का काम करता है, वही चुनाव में भी ड्यूटी करता है। एक बार चुनाव की तारीखों का एलान हो गया तो गवर्नमेंट इम्प्लॉइज को सुधार काम से खुद को अलग कर इलेक्शन का काम करना पड़ेगा।”
– “सुधार के काम में काफी वर्कफोर्स लगती है। चुनाव के एलान के बाद राज्य के 26,443 इम्प्लॉइज केवल चुनाव ड्यूटी ही करेंगे। स्टाफ ही सब मैनेज करना है। हम स्टाफ की सप्लाई नहीं कर सकते।”

ये है हिमाचल प्रदेश में इलेक्शन का शेड्यूल

नोटिफिकेशन: 16 अक्टूबर
नॉमिनेशन की आखिरी तारीख: 23 अक्टूबर
नॉमिनेशन की स्क्रूटनी: 24 अक्टूबर
नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख: 26 अक्टूबर
वोटिंग: 9 नवंबर
नतीजे: 18 दिसंबर
कुल सीटें: 68

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>