Published On: Wed, Apr 4th, 2018

आरक्षण पर बोले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह- ‘ना हटाएंगे, ना हटाने देंगे’

नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में बदलाव के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में हुए प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का ऐलान कर दिया था तो फिर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को भारत बंद करवाने की क्या जरूरत थी। शाह ने भारत बंद के दौरान मारे गए लोगों के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा उन्होंने आरक्षण को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ना तो आरक्षण हटाएगी और ना ही किसी और को हटाने देगी।

‘हिंसा के जरिये सियासी लाभ की जुगत में विपक्ष’
आरक्षण हटाने से जुड़े बयानों को बेबुनियादी अफवाह करार देते हुए शाह ने कहा कि दलित समाज को इस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हिंसा के जरिये राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में संशोधन करते हुए जांच के बाद गिरफ्तारी और जमानत मिलने जैसे प्रावधान जोड़ दिए थे, लेकिन उसके बाद बवाल के चलते मामला फिर से कोर्ट में है।

बिहार चुनाव पर दिखा था ‘आरक्षण’ का असर
गौरतलब है कि बिहार में हुए विधानसभा चुनाव 2015 के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने का बयान दिया था। जिसका विपक्षी महागठबंधन में जमकर फायदा उठाया। माना जाता है कि चुनाव के परिणामों पर भागवत के बयान का बड़ा असर हुआ था। मौजूदा समय में कयास लगाए जा रहे हैं कि आरक्षण को लेकर शाह का बयान आरक्षित वर्ग को ध्यान में रखकर दिया गया है।

लिंगायत-वीरशैव बंटवारे को भी किया खारिज
शाह इन दिनों विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कर्नाटक दौरे पर हैं। आपको बता दें कि शाह ने लिंगायत और वीरशैव लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने को लेकर भी बड़ा बयान दिया था। बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उसने सिर्फ वोट बैंक के लिए लिंगायत समुदाय का इस्तेमाल किया।

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