Published On: Thu, Oct 26th, 2017

“अच्छे दिन” यहां राजस्थान में हैं! मंत्रियों के लिए वैध है भ्रष्टाचार : ध्रुव राठी

अपने शो में ध्रुव राठी ने बताया कि राजस्थान सरकार भ्रष्टाचार को वैध बनाने की कोशिश कर रही है।राजस्थान सरकार ने एक अध्यादेश पारित किया है जिसके अनुसार राज्य सरकार की अनुमति के बिना मंत्रियों, न्यायाधीशों, मजिस्ट्रेटों और सभी सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई जांच नहीं हो सकती है। अगर उनमें से किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी प्रकार है, तो किसी भी मीडिया को इसकी रिपोर्ट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह सोमवार 23 अक्टूबर को होने वाले संसदीय सत्र के दौरान राजस्थान राज्य में कानून बन सकता है। ऐसा लगता है कि भ्रष्टाचार को वैध बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

आधार कार्ड के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इन धोखाधड़ी से लड़ने के लिए, भारत सरकार ने हर डिजिटल भुगतान पर एक अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क लगाने का निर्णय लिया है जल्द ही आप हर डिजिटल लेन-देन को देख सकेंगे|

अब सवाल यह है कि टैक्स‌ से इकट्ठा किया हुआ धन कहाँ जाता है? आपको पता होना चाहिए कि मोदी जी के 60 सेकंड जोड़ने के लिए 13 करोड़ खर्च किए गए थे। इस प्रकार जनता के पैसे नेताओं ने बर्बाद किए है।

हालांकि मोदी कहते है की लोकतंत्र के लिए आलोचना अच्छा है, कानपुर में पिछले 22 हफ्तों के दौरान 22 व्यापारियों को मोदी की किम जोंग से तुलना करते हुए पोस्टर लगाए गए थे।

दिल्ली से अच्छी खबर ,पहली बार दिल्ली सरकार ने लोगों को वोट देने और फैसला करने का अधिकार दिया है क्या वे अपने पड़ोस में शराब की दुकान चाहते हैं या नहीं।

Displaying 1 Comments
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  1. सत्यपाल says:

    ध्रुव राठी जी नमस्ते। हमारे देश में छः हजार वर्ष से लोकतन्त्र/प्रजातन्त्र/जनतन्त्र/जनता का शासन (पूर्ण रूप से स्वदेशी चयन प्रणाली, स्वदेशी कानून और स्वदेशी शासन व्यवस्था) नहीं है। वर्तमान में गणतन्त्र/पार्टीतन्त्र/दलतन्त्र/गुट्टतन्त्र/दल-दलतन्त्र (कीचड़तन्त्र)=गठबन्धन सरकार/पूंजीतन्त्र (उद्योगतन्त्र, व्यापारतन्त्र, व्यवसायतन्त्र, माफियातन्त्र, तस्करतन्त्र) अत्याचारतन्त्र/अधर्मतन्त्र=धर्मनिरपेक्षतन्त्र/अन्यायतन्त्र/आरक्षणतन्त्र/गोहत्यातन्त्र/घोटालातन्त्र/जड़पूजातन्त्र(मूर्ति और कब्रपूजा)/गुण्डातन्त्र=गुण्डाराज/झूठतन्त्र/भीड़तन्त्र/भ्रष्टतन्त्र/लूटतन्त्र/और भी अन्य अनेक नाम हो सकते हैं- – – – -[पूर्णतः विदेशी चुनाव प्रणाली, विदेशी कानून और विदेशी शासन व्यवस्था] है।
    वर्तमान गणतन्त्र में भय, भूख और भ्रष्टाचार को पूर्ण रूप से कोई भी राजनैतिक दल समाप्त नहीं कर सकता । निर्दलीय और राजनैतिक दलों के नेता नामांकन, जमानत राशि और चुनाव प्रचार में धन खर्च करके नेता बनते हैं इसलिये उनका बेईमान, कामचोर, पक्षपाती, विश्वासघाती, दलबदलू, देशद्रोही होना सुनिश्चित है।

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