तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में लेखपाल और क िसान में हुई नोकझोंक।

जनपद मुरादाबाद के बिलारी तहसील संपूर्ण समाधान दिवस चल रहा था जिसमें 70 से अधिक शिकायतें आई और कुमार पंकज उप जिलाधिकारी द्वारा 15 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया संपूर्ण समाधान दिवस समाप्त होने को था अचानक एक मामला सामने आया लेखपाल और किसान में नोकझोंक होने लगी।
बिलारी तहसील संपूर्ण समाधान दिवस समाप्त होने के बाद अचानक एक मामला सामने आया बिलारी के गांव भूडावास नरेश नाम का व्यक्ति समाधान दिवस बिलारी शिकायत करने आया था शिकायत करने आए व्यक्ति को हल्का लेखपाल आशीष जहरी द्वारा समाधान दिवस से पहले ही रोक लिया गया और समाधान दिवस में प्रवेश नहीं करने दिया नरेश किसी तरीके से समाधान दिवस प्रवेश किया तो लेखपाल उसके पीछे-पीछे सभागार में पहुंच गया
पीड़ित ने अपनी बात कुमार पंकज उप जिलाधिकारी से शिकायत करने गया था जो कि लेखपाल ने 35 साल पुराने प्लाट पर दूसरे को कब्जा करा दिया है और लेखपाल ने ₹20000 डेढ़ महीने पहले आशीष नाम के लेखपाल के हाथ में दिए थे जिसकी भी शिकायत करने समाधान दिवस बिलारी पहुंचा था

लेखपाल आशीष जौहरी ने पीड़ित से ₹40000 की मांग की थी पीड़ित नरेश ने बताया कि लेखपाल ने मुझसे ₹20000 प्लाट पर कब्जा कराने के लिए हैं पैसे ब प्लाट पर कब्जा कराने को लेकर लेखपाल और नरेश में सभागार में लेनदेन को लेकर तनाव होने लगा जिसकी वीडियो पत्रकार ने बना ली
नेपाल आशीष ने पत्रकारों को वीडियो बनाते देखा तो आशीष लेखपाल और उसके साथी उदयभान ने पत्रकारों को ही अपना रुबाब दिखाने लगे इतना ही नहीं वीडियो बनाने वाले पत्रकार पर अभद्र व्यवहार करने लगे और उसका मोबाइल छीनकर अधिकारियों के पास ले जाने लगे लेकिन पत्रकार उप जिला अधिकारी कुमार पंकज के आवास पर पहुंचे और अपनी बातों को रखा उप जिलाधिकारी कुमार पंकज के आवास पर बैठकर लेखपाल अध्यक्ष को बुलाकर उप जिलाधिकारी ने बात रखी और पत्रकारों से पूछताछ की जब तक पत्रकारों के कैमरे में रिकॉर्ड हुई वारदात डिलीट मार दी गई और मामले को रफा-दफा कर दिया गया

मौके पर पहुंचे पत्रकारों और लेखपाल से बात रखी तो उसमें का ही एक लेखपाल अपने आप को क्षेत्रीय विधायक बताने लगा मामला बढ़ता चला गया पत्रकारों ने उपजिलाधिकारी आवास पर लेखपाल को बुलाया तो लेखपाल ने उप जिलाधिकारी कुमार पंकज के सामने कहा कि मैं क्षेत्रीय विधायक हूं उप जिलाधिकारी कुमार पंकज ने लेखपाल से माफी मंगवाई थी और मामला रफा-दफा कर दिया उप जिला अधिकारी के सामने एक लेखपाल अपने आप को विधायक कह रहा है अब सवाल उठता है क्या लेखपाल वाकई विधायक है या फिर लेखपाल है

उधर दूसरी तरफ पीड़ित नरेश काफी समस्याओं से जूझ रहा है जिसकी कोई भी अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है उसका आरोप है कि मेरे प्लाट पर 35 साल से मेरा कब्जा था लेकिन तहसीलदार द्वारा और हल्का लेखपाल द्वारा मेरे प्लाट पर किसी और व्यक्ति का कब्जा करा दिया है
पीड़ित शिकायत करते करते थक गया है लेकिन उसकी कोई भी आला अधिकारी बात सुनने को तैयार नहीं है जो पीड़ित पर 35 साल पुराना परखा आज भी मौजूद है लेकिन उस पर कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है पीड़ित अब जाए तो कहां जाए।

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