Published On: Tue, Mar 27th, 2018

बड़े से बड़ा पुलिस ऑफिसर भी तुरंत सुनेगा आपकी बात, बस जान लें ये 7 बातें

एफआईआर लिखवाने से कई लोग डरते हैं। वे सबकुछ जानते हुए भी डर के कारण पुलिस को कुछ बता नहीं पाते। कई बार पुलिस के गलत व्यवहार के कारण लोग परेशान होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में रहने वाले हर नागरिक को कुछ अधिकार मिले हुए हैं। एफआईआर से जुड़े भी कई अधिकार हैं, जिन्हें आप जान गए तो बड़े से बड़े पुलिस ऑफिसर को भी आपकी बात सुनना होगी।

क्या हैं वे 7 बातें….

> फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) एक रिटन स्टेटमेंट होता है। कॉग्निजेबल ऑफेंस होने पर पुलिस एफआईआर लिखने के बाद इन्वेस्टिगेशन शुरू करती है। कॉग्निजेबल ऑफेंस वह होता है, जिसमें पुलिस बिना वारंट के संबंधित व्यक्ति को अरेस्ट कर सकती है। ऐसे में पुलिस को कोर्ट से भी किसी तरह की परमीशन नहीं लेना होती।

> वहीं नॉन कॉग्निजेबल ऑफेंस होने पर एफआईआर लिखने से पहले पुलिस को मजिस्ट्रेट की परमीशन लेना होती है। बिना वारंट के पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकती।

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