धड़ल्ले से बन रहा फैक्ट्री में मिलावटी खाद ्य ऑयल बिना रजिस्ट्रेशन तरह-तरह के बनाए जा रहे ब्रांड

हसनपुर। नगर के अतरासी मार्ग पर खाद्य पदार्थ तेल के कई सारे ब्रांडों को बिना अनुमति तथा बिना रजिस्ट्रेशन के एक ही फैक्ट्री मे मिलावट कर बनाया जा रहा है। जबकि गुरूवार जिला खाद्य विभाग टीम ने उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में इंडस्ट्री में छापामारी की जिससे इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया था। साथ ही टीम ने अलग-अलग मार्का पदार्थ के कई नमूने भरे गए। मौके पर मिला रिजैक्टेड पॉमऑयल जिसको देख उपजिलाधिकारी उद्भव त्रिपाठी ने नष्ट कराने के आदेश दिए थे। उधर नष्ट करने की बजाय तत्काल रिजेक्ट माल को वॉथरूम मे रखवा दिया था। जिसमे लाखों का माल भरे टिनो को मिलीभगत कर खाद्य विभाग की टीम ने सील कर दिया।
विदित रहे गुरूवार उपजिलाधिकारी उद्भव त्रिपाठी को मुखबिर के द्वारा सूचना मिली की नगर के गुरु कृपा इंडस्ट्री संचालक गोपाल प्रजापति द्वारा इंडस्ट्री में मिलावटी खाद्य तेल का कारोबार जोरों पर किया जा रहा है। जिसको लेकर उपजिलाधिकारी ने नगर के गुरु कृपा इंडस्ट्री अतरासी मार्ग मंडी समिति के नजदीक जिला खाद्य विभाग की टीम सहित छापामारी शुरू कर दी थी। जिससे इंडस्ट्री कर्मचारियों मे हड़कंप मच गया था। साथ ही टीम ने अलग अलग राइस ऑयल पॉमऑयल सोयाबीन युक्त ऑयल सरसो ऑयल आदि सहित कई पदार्थों के नमूने भरे थे। जिनको सील कर प्रयोगशाला भेजने के लिए तैयार कर लिया गया था। वहीं मौके पर मिले एक्सपायर टिन को इंडस्ट्री संचालक द्वारा बार-बार हटाकर अलग रख दिया जाता था। लेकिन अमर भारती टीम के हस्तक्षेप के बाद पॉमऑयल के 44 टिनो को देख उपजिलाधिकारी उद्भव त्रिपाठी का पारा हाई हो गया। जिसको लेकर उपजिलाधिकारी उद्भव त्रिपाठी ने रिजैक्टेड माल को तुरन्त नष्ट करने का आदेश दिया। लेकिन रिजैक्टेड माल नष्ट करने की बजाय खाद्य टीम ने फैक्ट्री संचालक से मिलीभगत कर रिजेक्ट पॉमोऑयल के 44 टिनो को सुरक्षित वॉथरूम मे रखवा कर सील लगा दी थी। मौके पर खाद्य विभाग टीम के मुख्य खाद्य अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता ने बताया था कि कई ब्राण्डो का ऑयल तैयार किसी जा रहा था जिसमे अनियमितताओं के चलते ढाई लाख रुपए की कीमत के माल की बिक्री पर रोक लगाई दी थी। ओर नमूना सैंपल प्रयोगशाला के लिए तैयार कर लिए। उधर कई वर्षों से चल रही फैक्ट्री में लगातार मिलावटी तेल का कई ब्रेड बनाने को लेकर काम जोरों पर चल रहा था। जबकि जिले से लेकर तहसीलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात हैं। जिसके बाद भी फैक्ट्री में बन रहे सोरव ब्रांड, विजाता ब्रांड, रामरिक ब्रांड, पारस ब्रांड, सोयाबीन युक्त ब्रांड, सरसों का तेल सहित बहुत से ब्रांड पॉमोऑयल, राइस ऑयल आदि की आपस में मिक्सिंग कर केमिकल द्वारा तैयार किया जाता है। ओर कई सारे ब्रांडो पर ट्रेडमार्क निशान भी नहीं पाया गया था। जिसके बाद भी खाद्य विभाग की टीम ने मुकदमा दर्ज कराना उचित नहीं समझा और गुरु कृपा इंडस्ट्री संचालक गोपाल प्रजापति से कानाफूंसी कर नमूना सैंपल के नाम पर इतिश्री कर ली।

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