Published On: Fri, Mar 30th, 2018

गृह मंत्रालय आपराधिक मुकदमों में आरोपी IPS अफसरों की लिस्ट तैयार करे: सूचना आयोग

 

नई दिल्ली.केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने गृह मंत्रालय को आपराधिक मुकदमों में आरोपी आईपीएस अफसरों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीआईसी प्रमुख यशोवर्धन आजाद ने आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए अफसरों से जुड़ी जानकारी मांगी। हालांकि, मंत्रालय के पुलिस संभाग ने कहा है कि आईपीएस अफसरों पर दर्ज केसों की कोई अलग लिस्ट तैयार नहीं की जाती है।

1) एनसीआरबी के पास भेजी गई आरटीआई

– आजाद के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने आरटीआई नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के पास भेजी है, जबकि एनसीआरबी अलग से ऐसी कोई जानकारी इकट्ठा नहीं करता है। यह नागरिकों के आपराधिक रिकॉर्ड तैयार करता है ना कि याचिकाकर्ता की मर्जी के हिसाब से अलग-अलग हिस्सों में कैटेगराइज कर। आरटीआई बिना दिमाग का इस्तेमाल किए एनसीआरबी को भेजी गई।

2) गृह मंत्रालय अफसरों की जानकारी के जिम्मेदार

– सूचना आयुक्त ने कहा कि आईपीएस कैडर, जिसमें देशभर के करीब 9 हजार पुलिस अफसर हैं, गृह मंत्रालय के अंदर आता है। इसलिए जाहिर है कि उसे अफसरों के चार्जशीट किए जाने की जानकारी मिलती होगी।
– उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों से उस स्टेटमेंट के लिए हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है, जिसमें पुलिस संभाग ने अपराधिक मुकदमों वाले आईपीएस अफसरों की लिस्ट होने से इनकार किया था।
– आजाद ने कहा, “मंत्रालय आईपीएस काडर की देखरेख के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। इसलिए अफसरों पर होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई और जांच की जानकारी रखना भी मंत्रालय की जिम्मेदारी है।”

3) गृह मंत्रालय के पास 4 हफ्ते का वक्त

– आजाद ने कहा, “अगर मंत्रालय के पास इस तरह की जानकारी तुरंत मौजूद नहीं है तो सीआईसी उन्हें लिस्ट तैयार करने के लिए 4 हफ्ते का वक्त देता है। इसमें उन्हीं अफसरों की जानकारी दी जानी चाहिए जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा और कोई जानकारी नहीं चाहिए।”

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