कुंभ मेला क्षेत्र में बन रहे 26 बिजली घर, कल्पवासियों को मिलेगा मुफ्त कनेक्शन

कुंभ मेला परिक्षेत्र में बिजली आपूर्ति पर शासन इस बार 226 करोड़ रुपए खर्च करेगा। यहां बिछाए गए बिजली के तारों की लम्बाई 1080 किलोमीटर है, जो प्रयागराज से चंडीगढ़ की दूरी (953 किमी) से भी ज्यादा है। कुंभ क्षेत्र में 48 दिन (15 जनवरी से 4 मार्च तक) चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। कल्पवासियों (कुंभ मेले में संगम तट पर रहने वाले श्रद्धालु) को निशुल्क कनेक्शन दिया जाएगा।

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बिजली विभाग के अफसरों का दावा है कि इस बार कुंभ में दो महीने में इतनी बिजली खर्च होगी कि उससे पूरा उत्तरप्रदेश एक दिन जगमग रह सकता है। राज्य में सर्दियों में बिजली की प्रतिदिन 15 हजार मेगावाट और गर्मियों में 20 हजार मेगावाट खपत होती है।  226 करोड़ की बिजली में 126 करोड़ की बिजली पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम उपलब्ध कराएगा।

24 घंटे बिजली सप्लाई के लिए पूरे कुंभ क्षेत्र में 64 बिजली घर बनाए जा रहे हैं। कुंभ क्षेत्र में 42 हजार 700 एलईडी लाइट्स मेला क्षेत्र में और 42 हजार स्ट्रीट लाइट्स रास्तों में लगाई जा रही हैं। अलग-अलग क्षमताओं के 163 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।

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फिलहाल कुंभ क्षेत्र में 10 से 12 मेगावाॅट बिजली की खपत एक दिन में हो रही है। लेकिन 12 जनवरी के बाद से यह आंकड़ा तीन गुना हो जाएगा। तब हर दिन 30 से 32 मेगावाट बिजली खर्च होने की संभावना है।

प्रशासन को कुंभ मेले में करीब 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। पहली बार मेला क्षेत्र का दायरा 1600 वर्ग हेक्टेअर से बढ़ाकर 3200 वर्ग हेक्टेयर किया गया है। पर्यावरण संरक्षण की मंशा से यहां गाय के गोबर से ईंधन और मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती बनाई जाएंगी।

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